सिविल एविएशन महानिदेशालय के मुताबिक, अगर कोई यात्री नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर दो साल तक के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है। डीजीसीए ने कहा कि अगर बार-बार अपील करने के बाद भी यात्री नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें बेलगाम यात्रियों की कैटेगरी में डाला जा सकता है, यानी उन पर आगे भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। डीजीसीए के आदेश के मुताबिक अगर कोई यात्री बार-बार अपील करने के बाद भी नियम का पालन नहीं करता है तो उसे तीन महीने से लेकर आजीवन 'नो फ्लाई लिस्ट' में डाला जा सकता है।
औचक निरीक्षण का आदेश
डीजीसीए के प्रमुख अरुण कुमार ने सभी हवाईअड्डों पर औचक निरीक्षण के आदेश दिए हैं। इसके आधार पर यह देखा जाएगा कि कंपनियां और यात्रियों की ओर से कोरोना के नियमों का कितना पालन किया जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते आदेश जारी करते हुए कहा था कि अगर कोई यात्री विमान में मास्क, पीपीई किट पहनने से मना करता है या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करता है तो उसे विमान से उतारा जा सकता है। आदेश में कहा गया कि इस तरह के यात्रियों पर एयरलाइंस कार्रवाई कर सकती है।