दुनियाभर में कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित देशों में भारत, ब्रिटेन को पछाड़ कर चौथे नंबर पर आ गया है। देश में पहली बार चौबीस घंटों में कोविड-19 संक्रमण के नए मामले 10,000 के पार पहुंच गए हैं और संक्रमण के कुल मामले 2,97,535 हो गए हैं, जबकि ब्रिटेन में कोरोना के कुल मामले 2,91,588 हैं।
वैश्विक स्तर पर कोविड-19 से प्रभावित तमाम देशों में भारत, रूस, ब्राजील और अमेरिका से पीछे है। रूस में हाल ही में कोरोना के मामले 4.93 लाख, ब्राजील में 7.72 लाख और अमेरिका में सबसे ज्यादा 20 लाख के पार जा चुके हैं। 24 मई के बाद से देश में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, इसी समय भारत टॉप 10 देशों में शामिल हुआ था।
हालांकि शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या अब भी संक्रमित लोगों की तुलना में अधिक रही। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब भी 1,41,842 लोग संक्रमण की चपेट में हैं जबकि 1,47,194 लोग स्वस्थ हुए हैं और एक मरीज विदेश चला गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 49.47 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। पिछले एक हफ्ते से भारत में रोजाना कोरोना के मामले दस हजार के करीब आ रहे हैं। दुनिया में अब जिन देशों में रोज सबसे अधिक नए केस सामने आ रहे हैं, उनमें भारत भी शामिल है।
अमेरिका में रोज करीब 20 हजार, ब्राजील में करीब 15 हजार नए मामले सामने आ रहे हैं, तो वहीं तीसरे नंबर पर भारत है जहां पर 10 हजार के करीब मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि टेस्टिंग के मामले में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक देश में 54 लाख लोगों का कोरोना टेस्ट हो चुका है।
भारत को चौथे नंबर पर पहुंचने में सिर्फ 18 दिनों का समय लगा। कोरोना से बुरी तरह प्रभावित इटली और स्पेन के बाद भारत कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ आगे बढ़ता गया। देश में सबसे ज्यादा बुरी तरह प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में कोरोना के मामले एक लाख की संख्या को छूने ही वाले हैं। तमिलनाडु और दिल्ली के बाद महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले हैं।
अप्रैल में केंद्र की ओर से छूट देने के बाद कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पांचवे लॉकडाउन या फिर अनलॉक-1 में मॉल, धार्मिक स्थल, रेस्त्रां और बसों, ट्रेनों की सेवाएं और घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है।