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भारत में पहले से बीमार पांच में से एक व्यक्ति की हुई कोरोना से मौत: स्वास्थ्य मंत्रालय

Wed, 14 Oct 2020 09:17 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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भारत में कोरोना वायरस से होने वाली पांच में से एक मौत उन मरीजों की हुई है, जो पहले से ही किसी बीमारी से ग्रस्त थे। देश में अब तक कोरोना से हुई कुल मौतों में ऐसे मृतकों की संख्या 17.9 फीसदी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में इसकी जानकारी दी गई है।  

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इससे ये पता चलता है कि स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में अगर कोई व्यक्ति पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहा है, तो उसकी कोरोना से मरने की संभावना 15 गुना है। कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद अगर मरीज को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय, यकृत या गुर्दे की बीमारी है, तो उसके मरने की संभावना अधिक है। 


हालांकि, इससे पहले दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने भी पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों की कोरोना से सबसे ज्यादा मौत होने की संभावना को रेखांकित किया था। ऐसा पहली बार है कि सरकार ने भारत में मृतकों और पहले से किसी बीमारी से जूझने वाले मरीजों की मौत के बीच संबंध दर्शाने वाले आंकड़े जारी किए हैं।  
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कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है। जून में प्रकाशित देश की संघीय एजेंसी 'सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (सीडीसी) के एक अध्ययन से पता चला कि कोरोना से स्वस्थ लोगों की मृत्यु संख्या 1.6 फीसदी थी, वहीं पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त मृतकों की संख्या 19.5 फीसदी थी। ये आंकड़े भारत द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से मेल खाते हैं। 

विशेषज्ञों ने कहा कि पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त कोरोना रोगियों में सुधार होने में समय लग सकता है। फोर्टिस अस्पताल में श्वसन चिकित्सा और इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी के प्रमुख डॉ विकास मौर्य ने कहा, दिल, गुर्दे या यकृत रोग या मधुमेह आदि जैसी बीमारी वाली स्थिति में कोरोना रोगी की रिकवरी प्रक्रिया बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा, पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को कोरोना से ठीक होने में अधिक समय लगता है।  
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोरोना से मरने वाले 88 फीसदी मरीजों की उम्र 45 साल से अधिक थी। वहीं, कोरोना से मरने वाले मरीजों में 60 साल से अधिक उम्र वाले मरीजों की संख्या 53 फीसदी है। कोरोना से मरने वाले 70 फीसदी मरीज पुरुष हैं। 
 

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