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आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों का कमाल- एयरपोर्ट, मेट्रो, दफ्तरों व अस्पतालों में आसानी से सैनिटाइज होंगे गैजेट

Sun, 17 May 2020 05:19 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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मोबाइल, घड़ी, पर्स, चाबी, चश्मे, बैग और वायरलेस गैजेट आदि से संक्रमण के खतरे को खत्म करने के लिए आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने नई तकनीक ईजाद की है। इन वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्टेेरिलाइजेशन सिस्टम तैयार किया है जो इन उपकरणों को सैनिटाइज कर देगा। लैब में टेस्टिंग के बाद आईआईटी रुड़की ने इस सिस्टम को हरिद्वार नगर निगम को भी सौंप दिया है।

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शोधकर्ताओं के मुताबिक स्टेरिलाइजेशन सिस्टम का प्रयोग हवाई अड्डे, मेट्रो, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, शापिंग  मॉल आदि में आसानी से किया जा सकता है, क्योंकि यहां पर इन गैजेट के वायरस की चपेट में आने की संभावना अधिक है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत चतुर्वेदी ने कहा, इस महामारी के दौरान जो कुछ भी संभव है, आईआईटी रुड़की उसमें योगदान करने का प्रयास कर रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह सिस्टम वस्तुओं से कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।

संस्थान के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विमल चंद्र श्रीवास्तव और उनकी टीम के सदस्य नवनीत कुमार, रोहित चौहान व डॉ. स्वाति वर्मा ने इस सिस्टम को तैयार किया है। इसे लॉकडाउन अवधि में कुल 20 दिनों में तैयार की गई है। यह अल्ट्रा-वायलेट रेडिएशन के जरिए उपकरणों को सैनिटाइज करता है। यह वस्तुओं की नॉन-स्टॉप स्क्रीनिंग में सक्षम है। सिस्टम का डिजाइन और ऑपरेशन, यूवी लाइट के उपयोग से जुड़े सभी स्वास्थ्य संबंधी खतरों का ख्याल रखता है।

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