गुजरात सरकार ने कोरोना वायरस के फैलते खतरे के मद्देनजर करीब 1200 कैदियों को दो महीने के लिए पैरोल पर छोड़ने का फैसला किया है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि जेल में कैदियों की भीड़ को कम करने के लिए पैरोल और अंतरिम जमानत देकर कैदियों को छोड़ा जाएगा।
राज्य के गृह विभाग से उन कैदियों की सूची बनाने को कहा गया है, जिन्हें दो महीने के लिए रिहा किया जाना है। मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने बताया, 'मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गृह मंत्रालय को सूचित कर दिया है, जो उन दोषियों और विचाराधीन कैदियों की सूची बनाएगा, जिन्हें पैरोल और अंतरिम जमानत पर छोड़ा जा सकता है।'
उन्होंने कहा, 'उन्हें स्थानीय अदालतों की मदद से पैरोल और अंतरिम जमानत दी जाएगी। इन कैदियों को दो महीने के लिए रिहा किया जाएगा। रिहा करने से पहले उनके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और सिर्फ स्वस्थ कैदियों को ही छोड़ा जाएगा।'
अश्विनी कुमार ने बताया कि इस तरह 1200 कैदियों को रिहा किया जाएगा। इनकी मेडिकल जांच शुरू हो गई है और जिन्हें बुखार, खांसी या जुकाम है, उन्हें अलग कर दिया गया है। गुजरात में अब तक 58 मामले सामने आ चुके हैं और पांच लोगों की संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है।