केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय कोरोना वायरस के संक्रमण को काबू में करने के लिए शीर्ष स्तर पर उपाय कर रहा है। इस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद निगरानी कर रहे हैं।
आईसीएमआर के प्रमुख डा. बलराम भार्गव के अनुसार देश में रोजाना केवल 8000 कोरोना के सैंपल जांचने की क्षमता है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के सूत्र का कहना है कि भगवान न करे पूरे देश को लॉक डाउन करने की नौबत आए।
केंद्रीय परिवार एवं कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि संक्रमण लगातार अपना फैलाव बढ़ा रहा है। बुधवार 18 मार्च तक हवाई अड्डे पर 13 लाख 93 हजार 301 लोगों की जांच की जा चुकी है। देश में 18 मार्च की शाम साढ़े पांच बजे तक 134 कोरोना से संक्रमित मरीजों के बारे में जानकारी है।
इनमें से 25 (1 दिल्ली, 1 उत्तर प्रदेश, 3 महाराष्ट्र, 2 तेलंगाना, 14 हरियाणा, 2 राजस्थान, 2 केरल समेत) मरीज विदेशी नागरिक हैं। 14 (दो दिल्ली, 1 कर्नाटक, 3 राजस्थान, 5 उ.प्र., 1 तेलंगाना समेत) मरीजों को ठीक करके उन्हें घर भेजा जा चुका है।
134 संक्रमितों में सबसे ज्यादा 39 महाराष्ट्र, 25 केरल, 15 उत्तर प्रदेश, 11 कर्नाटक, 9 दिल्ली से हैं। मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार एक मरीज की महाराष्ट्र, एक दिल्ली, एक बेंगलुरु में मृत्यु हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर, लेह लद्दाख, केरल से कोरोना के नए मामले जानकारी में आए हैं।
कोरोना का संक्रमण समुदाय मेंं फैला बढ़ाएगा चिंता। भारत के जनसंख्या घनत्व के अनुसार देश में एक वर्ग किमी में करीब 420 लोग रहते हैं। चीन में 1 वर्ग किमी में 148 लोग रहते हैं। भारत का जनसंख्या घनत्व दुनिया में शीर्ष पर है। मुंबई, दिल्ली जैसे महानगर में जनसंख्या घनत्व काफी चेतावनी वाला है।
इसके सामानांतर भारत में भारत में स्वास्थ्य सुविधाएं, चिकित्सक, अस्पताल, वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं बहुत सीमित हैं। चिकित्सक सूत्रों का कहना है कि अगले एक महीने काफी महत्वपूर्ण है। अभी नए मरीजों की संख्या काफी धीमी गति से बढ़ रही है, लेकिन 25 मार्च के बाद इसमें तेजी इजाफा हो सकता है।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल एक वरिष्ठ चिकित्सक का कहना है कि लोगों की सावधानी, सतर्कता और प्रयास से भारत को कोरोना के खतरे से आसानी से बचाया जा सकता है।
विदेश मंत्रालय ने विदेशों में रहने वाले 276 भारतीयों के कोरोना संक्रमण का शिकार होने की जानकारी दी है। हांगकांग में 1, ईरान में 255, इटली में पांच, कुवैत, रवांडा और श्रीलंका में 1-1, यूएई में 12 भारतीय कोरोना से संक्रमित हैं। कोरोना संक्रमण से प्रभावित चीन को भी सहायता देने के बारे में विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत ने 22 फरवरी को चीन को एक लाख पीस सर्जिकल मास्क, पांच लाख पीस सर्जिकल ग्लव्स, 75 इंफ्यूजन पंप, 30 इंटीरियल फीडिंग पंप, 21 डिफाइब्रिलेटर, 4000 पीस एन-95 श्रेणी के मास्क दिए हैं। चीन को कुल 15 टन चिकित्सीय सामग्री भारतीय वायु सेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से भेजी गई।
भारत उन देशों में पहले स्थान पर है, जो विदेशों में रह रहे कोरोना से संक्रमित या उसकी संभावना वाले अपने नागरिकों को तमाम देशों से लेकर आया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि नई दिल्ली लगातार दूतावासों और उच्चायोगों के संपर्क में है। हमें अपने नागरिकों को लेकर चिंता है और सभी समुचित उपाय किए जा रहे हैं।