कोरोना वायरस से संक्रमित होने के संदेह में यहां एक सरकारी अस्पताल में पृथक वार्ड में रखे गए नागपुर के चार व्यक्ति घर लौट गए जबकि अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे ऐसा नहीं करने का अनुरोध किया क्योंकि उनकी जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शुक्रवार देर रात इंदिरा गांधी राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (आईजीजीएमसीएच) में हुई। यद्यपि उनमें से तीन को आज दोपहर में फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया और चौथे के आने की उम्मीद है। प्राधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया था।
नागपुर जिलाधिकारी रवींद्र ठाकरे ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दो महिलाओं सहित चार व्यक्ति संदिग्ध कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए अपने रक्त नमूने देने के लिए शुक्रवार सुबह आईजीजीएमसीएच आए थे। इन लोगों को पृथक वार्ड में रखा गया था। वे स्वयं से अस्पताल छोड़कर चले गए, यद्यपि चिकित्सकों और अन्य चिकित्सकीय कर्मचारियों ने उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए कहा क्योंकि उनकी जांच रिपोर्ट अभी आनी है।’
उन्होंने कहा, ‘उनमें से दो उनके नजदीकी संपर्क में थे जो पूर्व में नागपुर में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। दो अन्य ने हाल में थाईलैंड और नीदरलैंड की यात्रा की थी।’
ठाकरे ने कहा कि चारों में से किसी में भी कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण नहीं दिखे थे और उनकी जांच रिपोर्ट दोपहर में आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘उनके कल रात घर जाने के बाद, उनसे संपर्क किया गया और अस्पताल आने के लिए कहा गया। उनमें से तीन वापस आ गए हैं और चौथे के जल्द लौटने की उम्मीद है।’
इससे पहले दिन में पुलिस ने कहा था कि चार मरीज अस्पताल प्राधिकारियों को सूचित किए बिना घर लौट गए हैं। अभी तक नागपुर में कोरोना वायरस से तीन संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से एक का इलाज आईजीजीएमसीएच में चल रहा है, दो अन्य को राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में पृथक वार्ड में रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस संक्रमित तीनों तीनों मरीज की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है।’