एक संक्रामक रोग विशेषज्ञ के मुताबिक जिस तरह कोरोना वायरस की दूसरी लहर तेज हो रही है। उससे जल्द ही देश में प्रतिदिन नए 5 लाख संक्रमित भी सामने आ सकते हैं। ऑर्गेनाइज मेडिसिन एकेडमी गिल्ड के महासचिव डॉ. ईश्वर गिलाडा ने कहा, देश में प्रतिदिन डेढ़ करोड़ लोगों की जांच हो रही है और 17 प्रतिशत संक्रमित मिल रहे हैं। कुछ दिनों में यह जांच दो से सवा दो करोड़ तक हो सकती है। ऐसे में रोज 5 लाख से ज्यादा संक्रमित मिलने की संभावना नकारी नहीं जा सकती।
डॉक्टर गिलाडा के मुताबिक, हर राज्य में वायरस में डबल म्युटेंट है। एक है ई484क्यू और एल452आर। 60 प्रतिशत मरीजों में यही म्युटेंट मिल रहे हैं। ब्रिटिश म्यूटेंट बी117 पंजाब में ज्यादा मिलता है। डॉक्टर गिलाडा का कहना है कि इस म्युटेंट से संक्रमण बहुत ज्यादा फैलता है। जो वायरस 10 दिन में एक को संक्रमित करता था अब दो लोगों को संक्रमित कर रहा है।
यह अगले 10 दिन में दो गुना हो जाएगा। इस तरह 30 दिन के अंदर 4 से 8 गुना मरीज बढ़ सकते हैं। उनका मानना है कि महाराष्ट्र में कोरोना या तो पीक पर पहुंच चुका है या पहुंचने वाला है। बाकी राज्य में पीक आना बाकी है।
हिंदीभाषी राज्यों में खतरे की घंटी है नया वायरस
संक्रामक रोग विशेषज्ञ के अनुसार, राज्य में संक्रमण का स्तर समान नहीं है, लेकिन नया वायरस अत्यधिक संक्रमित होना हिंदीभाषी राज्यों के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा संक्रमण की बुरी हालत के लिए महाराष्ट्र का नाम लिया जा रहा है। लेकिन कुछ अन्य राज्यों में 5 हफ्तों में तेजी से हालात बिगड़े हैं।
यूपी में ही संक्रमितों की संख्या 225 गुना बढ़ी है, तो बिहार में 170, उत्तराखंड में 70 गुना और चुनावी राज्यों में भी 50 गुना से ज्यादा मरीज बढ़ रहे हैं। इतने ज्यादा संक्रमण से मरीजों को दवा और ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है। अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल रहे हैं। पूरा सिस्टम चरमरा गया है। इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
माइक्रो कंटेनमेंट जोन से काबू होगा
डॉक्टर गिलाडा ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन की बात कही है। यह लोगों के दिमाग में नहीं बैठ रहा है। माइक्रो कंटेनमेंट जोन का मतलब है कि अगर आप संक्रमित है तो आपके सभी परिवार संक्रमित होंगे। इसलिए आप घर में ही रहिए। हर जगह कंटेनमेंट जोन का बोर्ड लगाने की जरूरत नहीं है। आप माइक्रो कंटेनमेंट जोन में यानी अपने घर में ही रहिए। इससे कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।