तमिलनाडु के कोयमबेडू थोक बाजार में राज्य भर से लोग अपनी फसल बेचने और नौकरी की तलाश में आते हैं। लेकिन वर्तमान में वह राज्य में कोविड-19 फैलाने वाला केंद्र बना गया है, जिसके चलते संक्रमण बढ़ रहा है। इस कारण ऑरेंज जोन के जिलों को रेड जोन में बदला जा रहा है।
उत्तरी तमिलनाडु के कुड्डालोर से लेकर डिंडिगुल में दक्षिण तक, 65 एकड़ में फैले बाजार में जाने वाले लोग कोरोना संक्रमित पाए जाने लगे हैं। इस बाजार में देशभर से ट्रक भी आते है। कुड्डालोर में सोमवार को सामने आए 122 पॉजिटिव मामलों के संबंध कोयमबेडू बाजार से जुड़े हुए पाए गए।
वहीं, अभी कोयमबेडू बाजार के संपर्क में आए 450 लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। विल्लुपुरम के 49 लोग जो इस बाजार में गए थे, उनकी भी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि रविवार को 33 लोग संक्रमित पाए गए थे।
अब, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, डिंडिगुल और तेनकासी के रेड जोन के रूप में पुनर्वर्गीकृत होने की संभावना है। ये राज्य के उन 14 जिलों में शामिल हैं, जिन्हें कुछ दिन पहले ही रेड जोन से ऑरेंज जोन में बदला गया है। कोयमबेडू क्लस्टर की वजह से अधिकारी अब चेन्नई से आने वाले लोगों को रोकने, परीक्षण करने और अलग करने के लिए काम कर रहे हैं।
विल्लुपुरम के पुलिस अधीक्षक एस जयराम ने कहा कि बाजार में गए 459 लोगों और उनके संपर्क में आए 287 लोगों को क्वारंटीन (एकांतवास) में रखने के लिए चार केंद्र स्थापित किए गए हैं। तिरुपुर और सेलम के जिला अधिकारियों ने परामर्श और हेल्पलाइन नंबर जारी कर कोयमबेडू से जुड़े लोगों को सामने आने को कहा है ताकि उनकी जांच हो सके।
डिंडिगुल जिलाधिकारी एम विजयालक्ष्मी ने कहा कि कोयमबेडू बाजार से लौटे लगभग 100 लोगों की जांच की गई, जिसमें 10 लोग पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने कहा कि इनके संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग और स्क्रीनिंग की जा रही है।
पश्चिमी जिलों के जिलाधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी निगरानी बढ़ा दी है। तिरुपुर के दो माल ढुलाई करने वाले मजदूर तरबूजों से भरे ट्रक में बैठकर कोयमबेडू गए थे। दो दिन पहले उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कोयंबटूर में अब तक 28 लोगों की पहचान की गई है, जिन्होंने कोयमबेडू बाजार की यात्रा की थी। वहीं, नीलगिरी में भी ऐसे ही 43 लोगों की पहचान की गई है।