केंद्र सरकार ने सार्वजनिक और निजी विमानन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के कोविड-19 टीकाकरण को लेकर गुरुवार को दिशानिर्देश जारी किए। दिशानिर्देशों के तहत हवाई अड्डों का संचालन करने वाली कंपनियों को अपने-अपने हवाई अड्डों में कोविड टीकाकरण अभियान के लिए समर्पित केंद्रों की स्थापना करनी होगी।
केन्द्रीय नागर विमानन मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुसार टीकाकरण अभियान के तहत हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी), एयरलाइंस कंपनियों के कॉकपिट और केबिन क्रू के सदस्यों के अलावा यात्रियों के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही कहा गया है कि हवाई अड्डों का संचालन करने वाली कंपनियों को जल्द से जल्द राज्य सरकारों या उन निजी अस्पतालों से संपर्क करना चाहिए जो हवाई अड्डों पर टीकाकरण केंद्र स्थापित करने को लेकर इच्छुक हैं।
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कंपनियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने की सलाह
दरअसल, देश इस समय कोविड-19 महामारी की दूसरी भयावह लहर का सामना कर रहा है जिसके कारण कई राज्यों में वैक्सीन, ऑक्सीजन, दवाइयों, चिकित्सीय उपकरणों और बिस्तरों की भारी कमी हो रही है। इसलिए हवाई अड्डों का संचालन करने वाली कंपनियों को पीने का पानी, सहायता केंद्र, पंखे, शौचालय, टीकाकरण काउंटर और प्रतीक्षालयों की भी व्यवस्था करनी होगी। कंपनियों को टीकाकरण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की सलाह दी गई है।
ऐसे तय होगी टीके की कीमत, सबके लिए होगी समान
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि टीके की कीमत का निर्धारण हवाई अड्डा संचालक और टीके की खुराक उपलब्ध कराने वाली संस्था मिलकर कर सकेंगे जो कि प्रत्येक कर्मचारी के लिए समान रहेगी। विमानन कर्मचारियों के टीकाकरण अभियान के बारे में जानकारी लेने के लिए भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के अध्यक्ष नियमित रूप से नागर विमानन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय के साथ बैठक करेंगे। गौरतलब है कि एएआई के अंतर्गत देश के 100 से अधिक हवाई अड्डे हैं।