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कोरोना: देश के 354 जिले संक्रमण से प्रभावित, 101 जिलों में 250 से ज्यादा हॉटस्पॉट

Mon, 13 Apr 2020 06:18 AM IST
योगेश साहू परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली। 

सार

  • 3 किमी घेरे में 10 लाख से ज्यादा घरों का सर्वे
  • 3-5 किमी के बीच बफर जोन
  • तीन दिन पहले थे 60 हॉटस्पॉट जिले
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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विस्तार
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लॉकडाउन के साथ ही सरकार ने हॉटस्पॉट, क्लस्टर और बफर जोन की योजना लागू कर दी है। तीन दिन पहले 60 जिलों में हॉटस्पॉट बनाए गए थे लेकिन 354 प्रभावित जिलों में से 101 में 250 से ज्यादा हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। मरीज मिलने के साथ आंकड़ा बढ़ रहा है।

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जिलों दो जोन बनाए गए हैं जिन्हें क्लस्टर और बफर जोन का नाम दिया गया है। तमिलनाडु, दिल्ली और आंध्रप्रदेश के सबसे ज्यादा जिलों में हॉटस्पॉट हैं। क्लस्टर में तीन किमी घेरा सील करके घरों में सर्वे शुरू किया गया है। मेडिकल टीमें घर घर जाकर गंभीर सांस रोगियों और आईएलआई संक्रमण के मरीजों के सैंपल लेंगी।

अनुमान है कि करीब 10 लाख घरों की सर्वे रिपोर्ट आगामी दिनों में मिल सकती है। जिला कलेक्टर की निगरानी में मेडिकल टीम गठित होगी। सैंपल लेने की प्रक्रिया, लॉजिस्टिक की जिम्मेदारी भी जिला प्रशासन की रहेगी। इसके अलावा तीन से पांच किमी की परिधि को बफर जोन नाम दिया है, बाहरी दो किमी की परिधि में घर-घर सर्वे नहीं होगा।
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लेकिन यहां लोगों को पूरी जानकारी देते हुए लक्षण मिलने पर तत्काल सूचना देने के लिए कहा जाएगा। साथ ही आसपास के अस्पतालों में इन इलाकों को लेकर अलर्ट किया जाएगा। ताकि वहां की ओपीडी में कोई फ्लू लक्षणों के साथ पहुंचता है तो तत्काल इसकी जानकारी प्रशासन को मिल सके।

जहां मिले 15 मरीज, वहां बनेगा हॉटस्पॉट

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो तरह की योजना बनाई गई है। एक उन जिलों के लिए है, जहां 15 या उससे अधिक संक्रमित मरीज मिलने के बाद हॉटस्पॉट बनाए जा रहे हैं। दूसरे वह जिले, जहां 15 से कम संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जहां कम मरीज मिल रहे हैं, उन जिलों को पूरी सतर्कता बरतने के आदेश दिए जा चुके हैं।

बाकी जिलों में थ्री लेयर योजना
एक वरिष्ठ निदेशक बताते हैं कि देश में अभी भी काफी संख्या में संक्रमण रहित जिले हैं, जहां एक भी कोरोनामरीज सामने नहीं आया है। इन जिलों के लिए अलग थ्री लेयर योजना लागू की जा चुकी है। इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के तहत तीन तरह के तरीके होते हैं संभावित, लक्षण आधारित और प्रयोगशाला में जांच।

अगर कोई बुखार या फ्लू के लक्षण की शिकायत लेकर फ्लू क्लीनिक पहुंचता है तो वह आईडीएसपी के नेटवर्क में आ जाएगा। यहां मरीज मिलने के बाद आगे के फ्रेमवर्क पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जैसे कोविड जांच इत्यादि।
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यहां नहीं क्लस्टर जोन

अंडमान निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, लद्दाख, मणिपुर, मिजोरम, पुडुचेरी, त्रिपुरा के कुछ जिलों में संक्रमित मरीज मिल चुके हैं, लेकिन यहां एक जिले में 15 से कम मरीज होने के कारण क्लस्टर या बफर जोन फिलहाल नहीं बनाए हैं लेकिन इनके जिला प्रशासन अलर्ट पर हैं।

19 राज्य के 101 जिलों में 15 से ज्यादा मरीज
 
राज्य  जिला
तमिलनाडु 15
आंध्र प्रदेश 09
दिल्ली 09
राजस्थान 08
तेलंगाना 08
महाराष्ट्र 07
उत्तर प्रदेश 07
केरल 06
गुजरात 04
हरियाणा 04
जम्मू-कश्मीर 04
कर्नाटक 03
मध्यप्रदेश 02
पंजाब 02
 

(आंकड़े : स्वास्थ्य मंत्रालय की कोविड जिला रिपोर्ट के अनुसार)
  • बिहार, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के एक-एक जिले में हॉटस्पॉट बनाए हैं।
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