स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो तरह की योजना बनाई गई है। एक उन जिलों के लिए है, जहां 15 या उससे अधिक संक्रमित मरीज मिलने के बाद हॉटस्पॉट बनाए जा रहे हैं। दूसरे वह जिले, जहां 15 से कम संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। जहां कम मरीज मिल रहे हैं, उन जिलों को पूरी सतर्कता बरतने के आदेश दिए जा चुके हैं।
बाकी जिलों में थ्री लेयर योजना
एक वरिष्ठ निदेशक बताते हैं कि देश में अभी भी काफी संख्या में संक्रमण रहित जिले हैं, जहां एक भी कोरोनामरीज सामने नहीं आया है। इन जिलों के लिए अलग थ्री लेयर योजना लागू की जा चुकी है। इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के तहत तीन तरह के तरीके होते हैं संभावित, लक्षण आधारित और प्रयोगशाला में जांच।
अगर कोई बुखार या फ्लू के लक्षण की शिकायत लेकर फ्लू क्लीनिक पहुंचता है तो वह आईडीएसपी के नेटवर्क में आ जाएगा। यहां मरीज मिलने के बाद आगे के फ्रेमवर्क पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जैसे कोविड जांच इत्यादि।
अंडमान निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, लद्दाख, मणिपुर, मिजोरम, पुडुचेरी, त्रिपुरा के कुछ जिलों में संक्रमित मरीज मिल चुके हैं, लेकिन यहां एक जिले में 15 से कम मरीज होने के कारण क्लस्टर या बफर जोन फिलहाल नहीं बनाए हैं लेकिन इनके जिला प्रशासन अलर्ट पर हैं।
19 राज्य के 101 जिलों में 15 से ज्यादा मरीज
| राज्य |
जिला |
| तमिलनाडु |
15 |
| आंध्र प्रदेश |
09 |
| दिल्ली |
09 |
| राजस्थान |
08 |
| तेलंगाना |
08 |
| महाराष्ट्र |
07 |
| उत्तर प्रदेश |
07 |
| केरल |
06 |
| गुजरात |
04 |
| हरियाणा |
04 |
| जम्मू-कश्मीर |
04 |
| कर्नाटक |
03 |
| मध्यप्रदेश |
02 |
| पंजाब |
02 |
(आंकड़े : स्वास्थ्य मंत्रालय की कोविड जिला रिपोर्ट के अनुसार)
- बिहार, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के एक-एक जिले में हॉटस्पॉट बनाए हैं।