दरअसल देश की अर्थव्यवस्था में कोरोना संकट के पहले से ही सुस्ती थी। इसी बीच कोरोना महामारी ने इसे सबसे बड़ी समस्या बना दिया। सूत्रों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण ठप पर आर्थिक गतिविधियों के कारण सैकड़ों कंपनियां दिवालिया होने की कगाड़ पर है। कई कंपनियों औने पौने दामों पर शेयर बेच कर चुनौती का सामना करने में जुटी हैं। कैबिनेट बैठक में छह महीने तक कंपनियों द्वारा खुद को दीवालिया घोषित करने पर रोक लगा दी गई।
प्रोत्साहन पैकेज पर भी मंथन...
उद्योगों को हुए नुकसान से बचाने के लिए सरकार में शीर्ष स्तर पर प्रोत्साहन पैकेज पर विमर्श हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पीएम मोदी के साथ कई बैठकें हुई हैं। जीओएम ने भी रोडमैप तैयार किया है। पीएम खुद आर्थिक विशेषज्ञों से संपर्क में हैं। सरकार जल्द ही प्रोत्साहन पैकेज जारी कर सकती है।