कर्नाटक के मंगलूरू में शुक्रवार को सैकड़ों प्रवासी मजदूर रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़े और उन्होंने तत्काल अपने-अपने राज्य भेजे जाने की मांग की। मजदूर इस गफलत में रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़े कि कर्नाटक सरकार उन्हें गृह राज्य भेजने के लिए विशेष ट्रेनें चलाएगी। इनमें से ज्यादातर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के हैं। मजदूर स्टेशन पर डटे रहे और पुलिस की अपील के बावजूद उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया।
पुलिस ने प्रवासी मजदूरों के हवाले से कहा कि वे बिना नौकरी, पैसा और पर्याप्त भोजन के शहर में फंसे हुए हैं। अगर फौरन विशेष ट्रेनें नहीं चलाई गईं तो वे पैदल ही अपने गृह राज्य जाना चाहते हैं। कर्नाटक सरकार ने मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए आठ मई से विशेष ट्रेनें चलाने का बृहस्पतिवार को फैसला लेना पड़ा था। इससे पहले विशेष ट्रेनें चलाने के अनुरोध को वापस ले लिया था, जिससे राज्य की किरकिरी हुई थी।
एसओपी लागू करेगी अंतर मंत्रालयी समिति
श्रीवास्तव ने कहा, विदेश में फंसे लोगों को भारत लाने या यहां फंसे लोगों को उनके देश भेजने संबंधी एसओपी लागू करने के लिए एक अंतर मंत्रालयी समन्वय समिति का गठन किया गया है। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, गृहमंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, सशस्त्र बलों और एयर इंडिया के अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मालगाड़ी से कटकर हुई 16 मजदूरों की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।