भारत में अभी के आंकड़े देखें तो प्रति एक लाख कोरोना जांच पर 5 हजार मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई है। अगर आने वाले समय में भी मौजूदा दर से ही मरीज मिलते रहे तो जब भारत में अमेरिका के बराबर 28 लाख जांचें होंगी तब देश में केवल एक लाख 40 हजार ही कोरोना संक्रमित होंगे यानी अमेरिका से 4,20,433 मरीज कम। इसका मतलब है कि मौतों का आंकड़ा भी कम होगा। हालांकि अमेरिका में जांच की दर जैसे-जैसे बढ़ी मरीजों की संख्या भी दोगुनी होती चली गई।
75 दिन के हिसाब से रोजाना 3,066 जांचें
भारत में कोरोना का पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था। 14 अप्रैल को कुल 75 दिन हो गए। इस बीच करीब दो लाख 32 हजार लोगों की जांच हुई। इस आधार पर अगर पहले दिन से ही तुलना करें तो देश में तब से रोजाना 3,093 लोगों की ही कोरोना जांच हो सकी है।
देश में मंगलवार को लॉकडाउन को 21 दिन हो गए और देश के सबसे बडे़ राज्य जिसकी आबादी करीब 21 करोड़ हैं वहां सोमवार तक केवल 13,287 लोगों की कोरोना जांच हुई है। यहां रोजाना औसतन 633 लोगों की जांच हो रही है। खास बात ये है कि यहां लॉकडाउन से पहले ही जांच हो रही है। अभी कुल चौदह लैब सक्रिय हैं। इसका मतलब की एक लैब में रोजाना औसतन 45 सैंपल की ही जांच हो रही है।
इटली, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन में जांच पर जोर
इटली में 10,10,193 जांच हुई और 1,56,363 लोगों में वायरस मिला। स्पेन में छह लाख जांच हुई और 1,69,496 लोगों में वायरस मिला। फ्रांस में 3,33,807 सैंपल लिए और 1,32,591 लोग संक्रमित मिले। ब्रिटेन में अब तक 3,52,974 सैंपल लिए व 84, 279 लोग संक्रमित पाए गए।
अमेरिका में प्रति दस लाख की आबादी पर 8,559 लोगों की जांच हुई है। इटली में 15,935, स्पेन में 7,593, ब्रिटेन में 5,200 और फ्रांस में 5,114 लोगों की जांच अब तक हुई है। हालांकि अमेरिका की आबादी करीब 32 करोड़ है। 135 करोड़ से अधिक की आबादी वाले भारत में प्रति दस लाख की आबादी पर केवल 150 लोगों की ही कोरोना जांच हो रही है। बाकी चार देशों की आबादी 4 करोड़ से 7 करोड़ के बीच है।
स्पेन: दस लाख पर सर्वाधिक मौतें
कोरोना से प्रभावित शीर्ष पांच देशों की तुलना करें तो स्पेन में प्रति दस लाख की आबादी पर सबसे अधिक 374 लोगों की मौत दर्ज हुई है। इटली 329 मौतों के साथ दूसरे, फ्रांस 221 मौतों के साथ तीसरे, ब्रिटेन 167 मौतों के साथ चौथे और अमेरिका 67 मौतों के साथ पांचवे नंबर पर है। भारत में अभी ये आंकड़ा सात है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा, कोरोना पर जीत के लिए बड़ी संख्या में जांच की जरूरत है। भारत जांच में कहीं ठहरता नहीं है। बहुत कम स्तर पर जांच हो रही है। इस धीमी गति से जांच लाओस व नाइजर में चल रही है। जांच किट खरीदने में देरी का नतीजा है कि हम जांच में बहुत पीछे हैं।