कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों पर कोरोना की लड़ाई में अहम सात सवाल उठाकर देश को रोडमैप भी बताने को कहा है। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि नेतृत्व के मायने सिर्फ देशवासियों को जिम्मेदारी का अहसास दिलाना नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही और जिम्मेदारी का निर्वहन है। देश सात जरूरी बातों पर रोड मैप चाहता है।
कांग्रेस ने सात सवालों पर मांगा जवाब
- कोरोना की रोकथाम का एक मात्र रास्ता टेस्टिंग है। उसे बढ़ाने की क्या योजना है? 72 दिनों में केवल 2,17,554 कोरोना टेस्ट हुए हैं।
- अग्रिम पंक्ति के योद्धा डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मियों के लिए एन-95 मास्क और पीपीई की जबरदस्त कमी है। इस पर चुप्पी क्यों है और कब तक इस उपलब्ध कराया जाएगा?
- पलायन कर चुके करोड़ों मजदूर आज रोजगार-रोटी के संकट से जूझ रहे हैं। इस संवेदनशील और मानवीय मसले पर क्या एक्शन प्लान है?
- लाखों एकड़ गेहूं-रबी की फसलें कटाई के लिए तैयार है, लेकिन इंतजाम क्यों नहीं? समय पर कटाई और एमएसपी पर फसल खरीद सुनिश्चित करने पर आप चुप क्यों हैं? अन्नदाता आपकी प्राथमिकता सूची से बाहर क्यों है?
- युवा पहले से बेरोजगारी से जूझ रहे थे। अब छंटनी-नौकरियां जाने की दर विकराल रूप ले रही है। आपकी ‘कोविड-19 इक्नॉमिक रिकवरी टास्क फोर्स’ कहां है?
- दुकानदार, लघु और मध्यम उद्योग- आज चौपट होने की कगार पर हैं। इन्हें वापस पटरी पर लाने और आर्थिक मदद पर क्या एक्शन प्लान है?
- दुनिया कोरोना से आर्थिक संकट से निपटने के लिए करोड़ों-अरबों के आर्थिक पैकेज लागू कर रही है। इस सूची में आपकी सरकार आखिरी पायदान पर क्यों खड़ी है? नियत और नीति की कमी देश को भारी पड़ रही है।