गृहमंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि देश में ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था की गति बनाए रखने के लिए कृषि कार्यों की अनुमति दी है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायकों और देखभाल सेवाओं को प्रतिबंधों से छूट दी गई है। साथ ही प्रीपेड मोबाइल की रिचार्ज सेवाओं, शहरी क्षेत्रों में स्थित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग जैसे दूध और ब्रेड की फैक्टरी, आटा-दाल मिलों, शहद संबंधी आवाजाही को छूट दी गई है।
पहला लक्ष्य लोगों को अस्पताल न आना पडे़
आंकड़ों से हटकर अब हमें रणनीति पर सोचना होगा। हमारा मूल मंत्र है हर हाल में जिंदगी बचाना। जांच की हमारी रणनीति ने काम किया है। हम हर दिन सीख रहे हैं, नई चुनौतियों के साथ अपनी रणनीति भी बदल रहे हैं। हमारा पहला लक्ष्य है कि लोगों को अस्पताल न आना पड़े। -सीके मिश्रा, कोविड-19 पर बनी अधिकार प्राप्त समूह के अध्यक्ष
संक्रमण चरम पर कब आएगा, बताना मुश्किल
यह बताना बेहद कठिन है कि तीन मई तक संक्रमण का चरम आ जाएगा या फिर कब तक आएगा। हालांकि, एक माह बाद भी 4.5 फीसदी मामले सामने आने से साबित होता है कि देश में कोरोना वायरस की चाल को हमने रोक कर रखा ताकि वह स्टेज तीन यानी सामुदायिक संक्रमण में तब्दील न हो सके। -बलराम भार्गव, डीजी, आईसीएमआर
केवल 5 फीसदी से कम को वेंटिलेटर और महत्वपूर्ण देखभाल की आवश्यकता होगी। दुखद यह है कि ठीक होने वालों के प्रति भी लोग संदेह से देखते हैं। उनसे व परिजनों से बदसुलूकी करते हैं। इससे जिन लोगों में संक्रमण दिखता है, वो भी सामने आने से बचते हैं। जब तक अस्पताल आते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है। इससे बीमारी और मृत्युदर दोनों बढ़ रही है। -डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, निदेशक, एम्स (पहली बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव के साथ-साथ, आईसीएमआर, दिल्ली एम्स, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी एकसाथ रूबरू हुए।)