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लॉकडाउन के 30 दिन: कोरोना को रोकने में भारत अब तक कामयाब, बाकी देशों से बेहतर स्थिति

Fri, 24 Apr 2020 05:31 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • 33 गुना बढ़े टेस्ट, पांच लाख से ज्यादा जांचें      
  • आईसीएमआर ने कहा-हालात अभी ज्यादा नहीं बिगडे़
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विस्तार
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देश ने कोरोना महामारी से जंग जीतने के लिए लॉकडाउन का एक महीना  पूरा कर लिया है। कोविड-19 पर बने अधिकार प्राप्त समूह-2 के अध्यक्ष सीके मिश्रा ने कहा कि 30 दिन पहले 23 मार्च को जब 14,915 टेस्ट किए थे, तब भी 4-4.5 फीसदी मामले पॉजिटिव आ रहे थे। आज जब 5 लाख से ज्यादा जांच हो चुकी हैं, तब भी इतने ही पॉजिटिव केस आ रहे हैं।
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हमारे हालात बहुत ज्यादा नहीं बिगडे़ हैं। अभी तक बाकी देशों की तुलना में हम बेहतर कर रहे हैं। इस बीच, स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 21,700 संक्रमित आ चुके हैं, जबकि इस दौरान 686 संक्रमितों ने अपनी जान गंवा दी। वहीं, 4,324 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

पर्यावरण मंत्रालय के सचिव सीके मिश्रा ने कहा, 22 अप्रैल तक पांच लाख से ज्यादा टेस्ट कर चुके हैं, लेकिन ये काफी नहीं है। 30 दिन में जांच 33 गुना बढ़ी है। हम लगातार जांच बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जांच ही अहम हथियार है।
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उन्होंने कहा, लॉकडाउन से तीन फायदे हुए, पहला, संक्रमण की कड़ी तोड़ने की कोशिश कारगर रही है। दूसरा, मरीजों के दोगुने होने की दर कम हुई और तीसरा ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो रही है। यह वक्त कठिन है। जितना किया, वह पर्याप्त नहीं है। ठीक होने वालों की दर 19.89 है, जो एक अच्छा संकेत है।

महाराष्ट्र : 6427 मरीजों के साथ सबसे आगे, मंत्री भी संक्रमित, अकेले मुंबई में 4205
महाराष्ट्र में 6427 संक्रमित हो गए हैं। अकेले मुंबई में 522 नए मामलों के साथ कुल 4,205 संक्रमित हैं। किसी भी प्रदेश और महानगर में मरीजों का यह सर्वाधिक नंबर है। प्रदेश में बृहस्पतिवार को 14 संक्रमितों की मौत के बाद कुल संख्या 283 हो गई।

एक कैबिनेट मंत्री भी महामारी की चपेट में आ गए हैं। मंत्री को मंगलवार की रात न्यूमोनिया की शिकायत के चलते एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। किन्तु स्थिति नियंत्रण में नहीं आने पर बुधवार को मुलुंड के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पांच लाख टेस्ट पर कहां-कितने संक्रमित
भारत 20,000
तुर्की 18,000
अमेरिका 88,000
इटली 1,00,000
ब्रिटेन 1,20,000

रिचार्ज, आटा-दाल मिलें, दूध-ब्रेड फैक्टरियों को छूट : गृह मंत्रालय

गृहमंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि देश में ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था की गति बनाए रखने के लिए कृषि कार्यों की अनुमति दी है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायकों और देखभाल सेवाओं को प्रतिबंधों से छूट दी गई है। साथ ही प्रीपेड मोबाइल की रिचार्ज सेवाओं, शहरी क्षेत्रों में स्थित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग जैसे दूध और ब्रेड की फैक्टरी, आटा-दाल मिलों, शहद संबंधी आवाजाही को छूट दी गई है।

पहला लक्ष्य लोगों को अस्पताल न आना पडे़
आंकड़ों से हटकर अब हमें रणनीति पर सोचना होगा। हमारा मूल मंत्र है हर हाल में जिंदगी बचाना। जांच की हमारी रणनीति ने काम किया है। हम हर दिन सीख रहे हैं, नई चुनौतियों के साथ अपनी रणनीति भी बदल रहे हैं। हमारा पहला लक्ष्य है कि लोगों को अस्पताल न आना पड़े। -सीके मिश्रा, कोविड-19 पर बनी अधिकार प्राप्त समूह के अध्यक्ष

संक्रमण चरम पर कब आएगा, बताना मुश्किल
यह बताना बेहद कठिन है कि तीन मई तक संक्रमण का चरम आ जाएगा या फिर कब तक आएगा। हालांकि, एक माह बाद भी 4.5 फीसदी मामले सामने आने से साबित होता है कि देश में कोरोना वायरस की चाल को हमने रोक कर रखा ताकि वह स्टेज तीन यानी सामुदायिक संक्रमण में तब्दील न हो सके। -बलराम भार्गव, डीजी, आईसीएमआर
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मरीजों से बदसुलूकी से बढ़ रही मृत्युदर

केवल 5 फीसदी से कम को वेंटिलेटर और महत्वपूर्ण देखभाल की आवश्यकता होगी। दुखद यह है कि ठीक होने वालों के प्रति भी लोग संदेह से देखते हैं। उनसे व परिजनों से बदसुलूकी करते हैं। इससे जिन लोगों में संक्रमण दिखता है, वो भी सामने आने से बचते हैं। जब तक अस्पताल आते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है। इससे बीमारी और मृत्युदर दोनों बढ़ रही है। -डॉक्टर रणदीप गुलेरिया, निदेशक, एम्स (पहली बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव के साथ-साथ, आईसीएमआर, दिल्ली एम्स, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी एकसाथ रूबरू हुए।)
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