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खुलासा: कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी सामान्य जीवन मुश्किल, रिसर्च में सामने आया सच

Tue, 11 May 2021 11:56 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में अब तक 3.4 करोड़ लोगों को कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि इस तरह के लोग क्या अब सामान्य जीवन जी सकते हैं? जानें विशेषज्ञों का कहना है इस पर...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : getty
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देश में अब तक 3.4 करोड़ लोगों को कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि इस तरह के लोग क्या अब सामान्य जीवन जी सकते हैं? ऑफिस जाकर काम कर सकते हैं? क्या शादियों-पार्टियों में पिछली सभी पाबंदियों को भूलकर अपने नाते-रिश्तेदारों के साथ शरीक हो सकते हैं? दरअसल, ऐसा होना फिलहाल मुश्किल है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के टीके की दोनों डोज लेने के बाद भी सामान्य तरीके से जिंदगी जीना अभी मुमकिन नहीं है। 

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संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. नितिन शिंदे के मुताबिक, 'वैश्विक एजेंसियां सलाह दे रही हैं कि टीकाकरण का पूरा कोर्स ले चुके या कोरोना से उबर चुके लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं, लेकिन भारत में ऐसा होना फिलहाल मुश्किल है। दरअसल, इस स्थिति के लिए भारत में पर्याप्त आबादी का टीकाकरण होना बेहद जरूरी है।'

अभी 1.72 फीसदी आबादी का ही हुआ टीकाकरण
उन्होंने बताया कि भले ही भारत में पूरी दुनिया के मुकाबले सबसे ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा चुका है, लेकिन पूरी आबादी के हिसाब से यह अभी 2.5 फीसदी ही है। आंकड़ों पर गौर करें तो टीकाकरण में महाराष्ट्र अव्वल है, लेकिन यहां अभी 1.72 फीसदी आबादी को ही कोरोना का दूसरा टीका लगा है। 

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अमेरिका समेत कई देशों ने हटाईं पाबंदियां

डॉ. शिंदे ने बताया कि अमेरिका जैसे देशों में प्रशासन ने पाबंदियां हटा दी हैं। साथ ही, मास्क न लगाने की इजाजत भी दे दी है, लेकिन वहां अब तक 30 फीसदी आबादी को कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं। भारत में करीब 35 फीसदी आबादी को टीका लगने के बाद इस तरह की छूट दी जा सकेंगी।

...तब पाबंदियों में ढील देने के बारे में सोचा जाएगा
उन्होंने बताया कि भारत में इस वक्त दो वैक्सीन इस्तेमाल की जा रही हैं, जिनकी सफलता का प्रतिशत 80 फीसदी है। वहीं, अमेरिका में इस्तेमाल हो रहे टीकों का सक्सेज रेश्यो 90 फीसदी है। जब भारत में 35 फीसदी आबादी को दोनों टीके लग जाएंगे। वहीं, करीब 10 फीसदी लोग सामान्य तरीके से कोरोना को मात दे देंगे। इसके बाद भी लोगों को पाबंदियों से छूट देने के बारे में सोचा जा सकता है।
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