परिवार को भेजा कस्तूरबा अस्पताल
बीएमसी का दावा है कि महिला के संपर्क में आने वाले 15 लोगों को होम क्वारांटाइन (एकांतवास) में भेजकर उनके नमूने लिए गए हैं। वहीं महिला के पति ने इस दावे को खारिज किया है। उनका कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें एंबुलेंस से कस्तूरबा अस्पताल भेजकर आइसोलेशन में भर्ती होने को कहा। हालांकि जब वह अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने पहले महिला के कोरोना से मौत की पुष्टि वाले कागज मांगे। डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल में बेड खाली नहीं हैं इसलिए किसी और अस्पताल में जाएं।
पैदल ही पहुंचे घर
इसके बाद परिवार ने वापस घर जाने का फैसला किया लेकिन उनके पास घर जाने का कोई साधन नहीं था। इसलिए वे पैदल ही चल पड़े। जब इस मामले में बीएमसी के उप कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर दक्ष शाह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे पहले उस परिवार का विवरण देखना होगा।