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Corona : एम्स के निदेशक ने चेताया, हर किसी का हाइड्रोक्सीक्लोक्वीन से नहीं हो सकता इलाज

Sun, 12 Apr 2020 03:16 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया - फोटो : एएनआई
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इस समय लगभग पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है लेकिन किसी के पास इसका सटीक इलाज नहीं है। इसके इलाज पर हुए कुछ शोध में सामने आया है कि मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोक्वीन को इसके इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसके बाद इस दवा की मांग बढ़ गई है। हालांकि दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि इससे हर किसी का इलाज नहीं किया जा सकता। हर दवा की तरह इसके भी कुछ दुष्प्रभाव हैं।

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गुलेरिया ने कहा, 'कुछ लैब के डाटा बताते हैं कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का कोविड-19 पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन यह डाटा इतना पक्का नहीं है। आईसीएमआर (भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) के विशेषज्ञों ने महसूस किया कि यह कोविड-19 रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों और मरीजों की देखभाल में जुटे स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए सहायक हो सकता है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से हर किसी का इलाज नहीं हो सकता। इससे हृदय विषाक्त हो सकता है जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। हर दवा की तरह इसके भी कुछ दुष्परिणाम हैं। यह आम जनता को फायदा पहुंचाने के बजाए नुकसान ज्यादा कर सकता है।'

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि चीन और फ्रांस में हुए शोध से पता चला है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन का संयोजन गंभीर से मॉडरेट (कम बीमार) कोविड-19 मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है। इस अध्ययन का डाटा इतना पक्का नहीं है। चूंकि, कोई अन्य उपचार उपलब्ध नहीं है, इसलिए यह महसूस किया गया कि इसका उपयोग किया जाना चाहिए। हमें इसे गंभीर रूप से देखने की जरूरत है और यह पता लगाने के लिए ज्यादा डाटा चाहिए कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन के संयोजन का उपयोग करने वाला इलाज कोविड-19 मामलों में प्रभावी है या नहीं। जिसके लिए डाटा इकट्ठा किया जा रहा है।
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डॉ. गुलेरिया ने वायरस के पालतू जानवरों में फैलने को लेकर कहा, 'ऐसा कोई डाटा नहीं है कि जिससे पता चलता हो कि कोविड 19 पालतू जानवरों में फैल सकता है। कोविड- 19 का प्रसार मुख्य रूप से मानव से मानव में होता है। पालतू जानवरों से मनुष्यों में इसके प्रसार की संभावना बहुत कम है। इसलिए घर पर पालतू जानवरों को रखना सुरक्षित है।'

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