आइएमए के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत से अब तक कुल 1,467 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है। महामारी की पहली लहर के दौरान 748 डॉक्टरों की जान चली गई थी। आइएमए के अनुसार, कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक 30 से 55 वर्ष के बीच के डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई है, जिसमें रेजिडेंट डॉक्टर और इंटर्न के रूप में काम करने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं। इन डॉक्टरों के अलावा, कई गर्भवती महिला डॉक्टरों ने भी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है।
18 जून को डॉक्टर करेंगे विरोध प्रदर्शन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) 18 जून को 'सेव द सेवियर' नारे के तहत स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेगा। हालांकि, इस दौरान कोई अस्पताल बंद नहीं रहेगा। डॉक्टर काला बिल्ला, काला मुखौटा या काली शर्ट पहनकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आईएमए अध्यक्ष डॉ. जेए जयलाल ने इसकी जानकारी दी।
बीते 24 घंटे में 4002 मरीजों का गई जान
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के 84,332 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि, इस दौरान कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा एक बार फिर चार हजार के पार चला गया है। बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से 4002 मरीजों ने अपना दम तोड़ा है
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा तीन हजार से नीचे था, लेकिन इसमें बढ़ोतरी एक बार फिर स्वास्थ्य महकमे के लिए चिंता का विषय बन गई है। एक दिन में 4002 मरीजों की जान जाने के बाद कोरोना से होने वाली कुल मौतों का आंकड़ा 3,67,081 हो गया है।