देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने मास्क पहनने को लेकर शनिवार को एक एडवाइजरी जारी की। सरकार ने कहा है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लोग जब भी घर से बाहर निकलने तो वे घर पर बने मास्क पहन कर ही निकलें।
‘चेहरे और मुंह की सुरक्षा के लिए घर में बने कवर के इस्तेमाल पर एडवाइजरी’ में सरकार ने कहा कि ऐसे मास्क के उपयोग से व्यापक स्तर पर समुदाय की सुरक्षा में मदद मिलेगी और अमेरिका समेत कुछ देशों ने घर में बने फेस मास्क के फायदों का भी दावा किया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि जो लोग किसी भी तरह के स्वास्थ्य दिक्कत या सांस लेने संबंधी समस्या से पीड़ित नहीं हैं, वे लोग घर में बने मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर घर से बाहर निकलने पर घर में सिला हुआ मास्क पहन कर ही निकलें। घनी आबादी वाले इलाकों में मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
एक मास्क को एक ही व्यक्ति इस्तेमाल करे। एक बार इस्तेमाल करने के बाद उसे साबुन और गरम पानी से अच्छी तरह से धोकर और सुखाकर ही दोबारा उपयोग में लाएं। इसके साथ ही मास्क को पहनने से पहले अच्छी तरह से हाथ अवश्य धो लें। एडवाइजरी में यह भी चेताया गया है कि घर में बने मास्क स्वास्थ्य कर्मियों और कोविड-19 मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों के लिए नहीं हैं।
हेल्थ कॉर्पोरेशन के एमडी जे. विजय कुमार के बाद दो और अफसर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पल्लवी जैन गोविल व अपर संचालक हेल्थ डॉ. वीणा सिन्हा के भी कोरोना संक्रमित हाेने की पुष्टि हो गई है। दोनों को एम्स में भर्ती कराया है। तीनों आईएएस अफसर कोरोना कोर ग्रुप में शामिल थे। ग्रुप के 12 अन्य अधिकारी भी क्वारंटीन हो गए हैं। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई ने भी खुद को क्वारंटीन कर लिया। अब इनके संपर्क में आए अफसरों, लोगों व परिवार के सदस्यों की सूची बनाई जा रही है। कुछ पारिवारिक सदस्यों भी क्वारंटीन में भेजे गए हैं।
जांच किट निर्यात पर रोक
कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने जांच किट के निर्यात पर शनिवार को तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। यह किट जांच के लिए बेहद जरूरी है। अब निर्यात के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय से लाइसेंस लेना होगा। देश में 75,000 कोरोना संक्रमित मामलों की जांच हो चुकी है। अभी एक दिन में 10 हजार टेस्ट हो रहे हैं, जबकि पहले तक करीब पांच हजार टेस्ट की किए जा रहे थे।
आईसीएमआर ने शनिवार को कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बड़ी संख्या में पलायन कर बसे लोगों वाले इलाकों या प्रवासी केंद्रों में एंटीबॉडी आधारित ब्लड टेस्ट शुरू करने की सलाह जारी की। हाल ही में आयोजित नेशनल टास्क फोर्स की आपात बैठक में इस सिफारिश को लेकर निर्णय लिया गया। इस टेस्ट की रिपोर्ट 15-30 मिनट में आ जाती है। परिषद ने कहा कि इससे इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियां पकड़ में आ जाएंगी और मरीज को निगरानी में रखा जा सकेगा।