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कोरोना: देश में 3072 संक्रमित, सरकार ने कहा- हमें रोज लड़ाई लड़नी है, चूक हुई तो हालात होंगे खराब

Sun, 05 Apr 2020 06:23 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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कोरोना वायरस: देश में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। - फोटो : PTI
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देश में कोरोना संक्रमण के शनिवार रात तक कुल 3072 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें करीब 32 फीसदी निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात से जुड़े हैं। जमात से जुड़े संक्रमित 17 राज्यों में हैं। विभिन्न राज्यों में 22 हजार जमातियों को क्वारंटीन में रखा है। शनिवार रात तक 75 की मौत हुई है, जबकि 212 मरीज ठीक हो चुके हैं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश लगातार जंग लड़ रहा है। सरकार निरंतर मरीजों की पहचान में जुटी है। अगर एक भी व्यक्ति छूट जाता है, तो सारी कोशिशें बेकार हो जाती हैं। इसलिए हमें जनता की मदद चाहिए। उन्होंने बताया, सरकार के कदम सफल साबित हो रहे हैं लेकिन संक्रामक बीमारी के मामले में अगर चूक हुई तो बहुत पीछे चले जाएंगे।

गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्यसलिला श्रीवास्तव के अनुसार, जमातियों व उनके संपर्कों की बडे़ पैमाने पर पहचान की जा रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल व केंद्रीय बलों के 200 सदस्यों की टीमें इसमें जुटी हैं।

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मरकज पहुंचे 800 से ज्यादा जमातियों का अब भी पता नहीं
निजामुद्दीन मरकज में कार्रवाई के बाद पुलिस व दिल्ली सरकार ने वहां का रिकॉर्ड खंगाला, तो पता चला कि एक से 18 मार्च के बीच 2100 से अधिक विदेशी जमाती पहुंचे थे। दिल्ली सरकार  ने वहां मिले 300 से अधिक विदेशियों को क्वारंटीन केंद्र भेज दिया। 800 से अधिक अपने देश लौट गए। जबकि, 800 अन्य विदेशियों का पता नहीं चल सका है। सूत्रों के मुताबिक, ये राजधानी या एनसीआर की मस्जिदों में हो सकते हैं। राजधानी में करीब 1250 मस्जिदें हैं।

24 घंटे : 13 मौतें, 601 मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 601 मामले आए। 13 मौतें हुई हैं।

नए मामलों में 56 फीसदी जमात से
1 से 3 अप्रैल तक 1,162 नए मामले सामने आए, इनमें 56 फीसदी (647) तब्लीगी जमात से संबंधित हैं।

मास्क लगाना जरूरी
केंद्र ने घर से बाहर निकलने वाले सभी लोगों के लिए मास्क जरूरी कर दिया है। घर में तैयार मास्क भी लगा सकते हैं। जरूरी नहीं कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए इस्तेमाल होने वाले एन-93 मास्क का ही प्रयोग किया जाए।

सामुदायिक प्रसार रोकने के लिए घर पर बने मास्क पहनें लोग

देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने मास्क पहनने को लेकर शनिवार को एक एडवाइजरी जारी की। सरकार ने कहा है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लोग जब भी घर से बाहर निकलने तो वे घर पर बने मास्क पहन कर ही निकलें।

‘चेहरे और मुंह की सुरक्षा के लिए घर में बने कवर के इस्तेमाल पर एडवाइजरी’ में सरकार ने कहा कि ऐसे मास्क के उपयोग से व्यापक स्तर पर समुदाय की सुरक्षा में मदद मिलेगी और अमेरिका समेत कुछ देशों ने घर में बने फेस मास्क के फायदों का भी दावा किया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि जो लोग किसी भी तरह के स्वास्थ्य दिक्कत या सांस लेने संबंधी समस्या से पीड़ित नहीं हैं, वे लोग घर में बने मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर घर से बाहर निकलने पर घर में सिला हुआ मास्क पहन कर ही निकलें। घनी आबादी वाले इलाकों में मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।

एक मास्क को एक ही व्यक्ति इस्तेमाल करे। एक बार इस्तेमाल करने के बाद उसे साबुन और गरम पानी से अच्छी तरह से धोकर और सुखाकर ही दोबारा उपयोग में लाएं। इसके साथ ही मास्क को पहनने से पहले अच्छी तरह से हाथ अवश्य धो लें। एडवाइजरी में यह भी चेताया गया है कि घर में बने मास्क स्वास्थ्य कर्मियों और कोविड-19 मरीजों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों के लिए नहीं हैं।

महामारी से लड़ रहे तीन आईएएस अफसर ही संक्रमित

हेल्थ कॉर्पोरेशन के एमडी जे. विजय कुमार के बाद दो और अफसर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पल्लवी जैन गोविल व अपर संचालक हेल्थ डॉ. वीणा सिन्हा के भी कोरोना संक्रमित हाेने की पुष्टि हो गई है। दोनों को एम्स में भर्ती कराया है। तीनों आईएएस अफसर कोरोना कोर ग्रुप में शामिल थे। ग्रुप के 12 अन्य अधिकारी भी क्वारंटीन हो गए हैं। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई ने भी खुद को क्वारंटीन कर लिया। अब इनके संपर्क में आए अफसरों, लोगों व परिवार के सदस्यों की सूची बनाई जा रही है। कुछ पारिवारिक सदस्यों भी क्वारंटीन में भेजे गए हैं।

जांच किट निर्यात पर रोक
कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने जांच किट के निर्यात पर शनिवार को तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। यह किट जांच के लिए बेहद जरूरी है। अब निर्यात के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय से लाइसेंस लेना होगा। देश में 75,000 कोरोना संक्रमित मामलों की जांच हो चुकी है। अभी एक दिन में 10 हजार टेस्ट हो रहे हैं, जबकि पहले तक करीब पांच हजार टेस्ट की किए जा रहे थे।
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आईसीएमआर ने एंटीबॉडी आधारित ब्लड टेस्ट की दी सलाह

आईसीएमआर ने शनिवार को कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बड़ी संख्या में पलायन कर बसे लोगों वाले इलाकों या प्रवासी केंद्रों में एंटीबॉडी आधारित ब्लड टेस्ट शुरू करने की सलाह जारी की। हाल ही में आयोजित नेशनल टास्क फोर्स की आपात बैठक में इस सिफारिश को लेकर निर्णय लिया गया। इस टेस्ट की रिपोर्ट 15-30 मिनट में आ जाती है। परिषद ने कहा कि इससे इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियां पकड़ में आ जाएंगी और मरीज को निगरानी में रखा जा सकेगा।
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