दिल्ली के छावला स्थित आईटीबीपी के आइसोलेशन सेंटर में चीन से लौटे 406 लोगों को रखा गया है। ये लोग अपनी जांच कराते हैं, रिपोर्ट देखते हैं और बाकी समय फुल मस्ती। खेल, नाचना-गाना, पढ़ना और टीवी देखना ये सब इनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गए हैं। भले ही दुनिया के कई हिुस्सों में कोरोनावायरस ने कहर बरपा रखा है, लेकिन यहां खेल-खेल में कोरोनावायरस की टेंशन दूर भगाई जा रही है।
ये लोग दिन में कैरम, लूडो, शतरंज और टेबल-टेनिस खेल रहे हैं। इस आइसोलेशन सेंटर में 104 लोगों के नमूने निगेटिव आए हैं। डॉक्टरों ने जांच के लिए सभी 406 लोगों के नमूने लिए हैं। हालांकि पांच लोगों को एहतियातन सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। इनकी हालत स्थिर बताई गई है।
आईटीबीपी के अनुसार, आइसोलेशन सेंटर में चीन से लौटे अधिकांश लोगों में डर कहीं नहीं दिख रहा। वे अपनी नियमित जांच कराते हैं। जैसे ही उन्हें सेंपल लेने की सूचना दी जाती है, वे तुरंत डॉक्टर के पास पहुंच जाते हैं। कई युवा ऐसे भी हैं, जिन्हें अपना मैच बीच में छोड़कर आना पड़ा। दरअसल, आईटीबीपी के डॉक्टरों और दूसरे कर्मियों ने इन लोगों में अच्छा खासा जोश भर दिया है। उन्हें फोर्स के अनुशासन के बारे में भी जानकारी दी गई है।
नतीजा, अब वे उसी लाइन पर चल पड़े हैं। सुबह जल्दी उठकर अपनी नियमित दिनचर्या शुरू करते हैं। नाश्ता करने के बाद कैंप के अंदर कैरम, लूडो, शतरंज और टेबल टेनिस खेलने लगते हैं। बाकी लोग टीवी पर खबरें देखना पसंद करते हैं। लंच के बाद ये आराम करते हैं। शाम को फिर से टेबल-टेनिस और कैरम पर आकर शॉट मारने लगते हैं।
कुछ युवा ऐसे भी हैं, जो रात के समय शतरंज की बाजी लगाते हैं। वे आपस में खूब बातें करते हैं। एक दूसरे से रिपोर्ट और नमूनों की जानकारी भी ली जाती है। चूंकि आईटीबीपी ने आइसोलेशन सेंटर में वाईफाई सुविधा उपलब्ध करा रखी है, इसलिए वे लोग दुनिया में कोरोनावायरस की स्थिति पर भी नजर रखे हैं। आइसोलेशन सेंटर में मालदीव के सात नागरिक और बांग्लादेश मूल की एक महिला भी है।
इन सभी लोगों का उपयुक्त चिकित्सा पद्धति के अनुसार सामयिक चिकित्सीय परीक्षण किया जा रहा है। टेस्ट के लिए सभी 406 लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं। इनमें से 104 लोगों के नमूने नकारात्मक पाए गए हैं। शेष 302 लोगों के नमूने अभी जांच की प्रक्रिया में हैं। आइसोलेशन सेंटर में चार आपात जीवन रक्षक एंबुलेंस चौबीस घंटे तैनात की गई हैं।