केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि कोविड-19 (कोरोना वायरस) की वैक्सीन के एडवांस क्लीनिकल ट्रायल सफल रहे तो 2021 का पहला तिमाही खत्म होने तक इस महामारी को रोकने वाली प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। चौबे उस सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें पूछा गया था कि प्रभावी कोविड-19 वैक्सीन की व्यवसायिक बिक्री शुरू होने में कितना समय लग सकता है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने आगे कहा कि अभी तक किसी भी वैक्सीन निर्माता के साथ एडवांस खरीद समझौता नहीं किया गया है। एक अन्य सवाल के जवाब में चौबे ने कहा कि स्वदेशी तकनीक से विकसित की जा रही दो संभावित वैक्सीन ने क्लीनिकल ट्रायल के पहले चरण में बेहतरीन सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया है।
ये वैक्सीन भारत बायोटेक की तरफ से भारतीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान (आईसीएमआर) और कैडिला हेल्थकेयर के साथ मिलकर विकसित की जा रही हैं। अब इन दोनों वैक्सीन की प्रतिरक्षक जांच चल रही है। चौबे ने बताया कि दोनों वैक्सीन के दूसरे चरण के ट्रायल शुरू कर दिए गए हैं।
सरकार ने बनाया हुआ है एक विशेषज्ञ समूह
स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 के लिए वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन पर एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह गठित किया हुआ है, जिसकी अध्यक्ष नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) को सौंपी गई है। यह राष्ट्रीय समूह स्वदेशी और विदेशी, दोनों तरह की वैक्सीन की खरीद प्रक्रिया को लेकर रणनीति तैयार कर रहा है। साथ ही यह समूह इस बात के दिशा निर्देश भी तय करेगा कि जनसंख्या में से टीकाकरण के लिए किन्हें प्राथमिकता दी जाए।