कोरोना वायरस के संक्रमण ने केंद्रीय सशस्त्र बलों की ड्यूटी, उनकी जीवन शैली और ट्रेनिंग में कई अहम बदलाव ला दिए हैं। चूंकि अभी इस वायरस को खत्म होने में लंबा वक्त लग सकता है, इसलिए विभिन्न सुरक्षा बल कोरोना संक्रमण को दिमाग में रखते हुए अपना वर्किंग शेड्यूल तैयार कर रहे हैं।
ट्रेनिंग के तरीके में भी कई तरह के बदलाव होंगे। साथ ही प्रमोशनल कोर्स और इन-सर्विस कोर्स के कुछ हिस्सों को ऑनलाइन किए जाने का प्लान बन रहा है।
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक सुरक्षा बल 'सीआरपीएफ' में यह आदेश जारी कर दिया गया है कि ऐसे कोर्सों के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया जाए।
बता दें कि मार्च में कोरोना के पहले लॉकडाउन के दौरान करीब पौने दो लाख सुरक्षाकर्मी छुट्टी पर गए हुए थे। उनमें से अधिकांश कर्मी तो अभी तक वापस नहीं आ सके हैं।
परिवहन व्यवस्था शुरू होने के बाद सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, असम राइफल और एनएसजी के छुट्टी पर गए जवानों को अब वापस बुलाया जा रह है।
इन्हीं सुरक्षा बलों के एक अधिकारी के अनुसार, कोरोना संक्रमण से फोर्स को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। सभी बलों में करीब एक हजार जवान कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
लॉकडाउन 1.0 से पहले ही सभी बलों में ट्रेनिंग, प्रमोशनल कोर्स और दूसरे इन-हाउस कोर्स स्थगित कर दिए गए थे। अभी कोरोना वायरस का प्रभाव रहेगा, इसलिए फोर्स ऐसा कोई भी खतरा नहीं उठाएगी, जिससे कि जवान या अधिकारी उसकी चपेट में आ जाएं।
इसी वजह से अब सभी प्रमोशनल कोर्स और इन सर्विस कोर्स ऑनलाइन किए जा रहे हैं। वे कोर्स, जिनमें शारीरिक क्षमता, अपग्रेड आर्म्स ट्रेनिंग और वाहन प्रशिक्षण आदि की जरूरत नहीं होती, उन्हें ऑनलाइन कराया जाएगा।
सभी बलों में कहा गया है कि वे ऑनलाइन कोर्स का सिलेबस तैयार करें। साथ ही वह प्लेटफार्म भी खड़ा किया जाए, जिसके जरिए ये ट्रेनिंग संपन्न हो सके। इसके लिए केंद्र सरकार के आईटी विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।