एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में कोरोना वायरस के नियंत्रण पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की तारीफ के बाद मुंबई में भाजपा-शिवसेना के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। दोनों ही दल में श्रेय की जंग छिड़ गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि धारावी में कोरोना पर नियंत्रण का श्रेय सरकार को नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जाता है, क्योंकि 800 स्वयंसेवकों ने दिनरात मेहनत की। वहीं, शिवसेना ने मुखपत्र में संपादकीय के माध्यम से भाजपा पर जोरदार हमला बोला है।
शिवसेना ने संपादकीय में लिखा है कि संघ का काम अच्छा नहीं है, ऐसा कोई नहीं कहेगा। लेकिन, धारावी में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए सभी यंत्रणाओं ने कड़ी मेहनत की है। यह सफलता सामुदायिक है। उसमें भी बीएमसी का काम महत्वपूर्ण है। मुंबई की तरह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पुणे में भी संघ के स्वयंसेवक हैं। तो वहां वे धारावी की तरह दक्ष क्यों नहीं हैं। इसलिए कोरोना युद्ध में संघ को अकारण घसीटने की आवश्यकता नहीं है।
भाजपा विधायक नीतेश राणे ने सबसे पहले कहा था कि केवल आरएसएस और गैर सरकारी संस्थाओं की मेहनत के चलते धारावी में कोरोना पर नियंत्रण पाया गया। उसके बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने भी इसका समर्थन किया और कहा कि संघ के स्वयंसेवकों के कारण ही धारावी में यह सफलता मिली। इसलिए राज्य सरकार इसका श्रेय न लें।