पंजाब और चंडीगढ़ में कोरोना वायरस को बेकाबू होते देख केंद्र सरकार ने विशेष टीमें तैनात करने का फैसला किया है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पंजाब व चंडीगढ़ के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। 2 सदस्यीय टीम में पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के एक कम्युनिटी मेडिसिन एक्सपर्ट और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के एक महामारी विशेषज्ञ शामिल होंगे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेषज्ञ दल गठित किए
दोनों टीमें पंजाब और चंडीगढ़ में संक्रमण को रोकने के लिए और एक फीसदी से भी कम लाने पर काम करेगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कंटेनमेंट जोन में जन स्वास्थ्य को मजबूत करने मरीजों की निगरानी कोरोना टेस्ट कंटेनमेंट जोन और क्लीनिकल मैनेजमेंट पर भी ध्यान रखेंगे। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात में मंत्रालय टीमें भेज चुका है।
पंजाब में 60,000 से अधिक केस
पंजाब में अब तक 60,013 मरीज मिल चुके हैं। इसमें 15,731 सक्रिय हैं और अब तक 1,739 लोगों की मौत हो चुकी है। पंजाब में 2.8 फीसदी प्रति दस लाख आबादी पर 87,546 सैंपल की जांच हो रही है। वहीं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में कुल 5,550 केस मिले हैं। यहां में 1.24 फीसदी और 11 फीसदी है।
केंद्र ने कहा, जांच के लिए नए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें राज्य
ऑन डिमांड यानी बिन डॉक्टरी सलाह या पर्चे के कोरोना जांच की सुविधा का लाभ सभी को मिले, इसके लिए सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश नए दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। केंद्र सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर कोरोना महामारी से निपटने के लिए क्षमता के अनुसार, जांच करने की अपील की है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।