कोरोना संक्रमण फैलाने वाला सार्स-कोव-2 वायरस गंभीर बीमार और इससे उबरने वाले लोगों की हड्डियों को भी काफी कमजोर कर रहा है। यह खुलासा जानवरों पर हुए एक ताजा शोध में हुआ है।
‘नेचर कम्युनिकेशंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुए इस अध्ययन में कोरोना से शरीर में पैदा होने वाली दीर्घकालिक जटिलताओं से दुनिया को रूबरू कराया गया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, फेफड़े संक्रमित होने के साथ-साथ लंबे समय तक कोरोना (लॉन्ग कोविड) के शिकार रहे लोगों में कई अंगों में तकलीफ की बात भी सामने आई है। इसी कड़ी में अब इससे हड्डियों को गंभीर नुकसान पहुंचने का भी पता लगा है।
हड्डियों को 50% तक किया कमजोर
दरअसल, हांगकांग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कई सीरियाई हैमस्टर (चूहे जैसा पालतू जानवर) को कोरोना संक्रमित कर हड्डियों पर इसके असर की पड़ताल की थी। संक्रमण के बाद उन्होंने इन जानवरों के ऊतकों का माइक्रो कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन कर विश्लेषण किया गया, जिसमें वायरस द्वारा इनकी रीढ़ की हड्डी समेत अन्य हड्डियों में 20 से 50 फीसदी तक कमजोर करने की बात सामने आई।
एक दिन में कोरोना के 2,710 नए केस, 14 मौतें...
देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2,710 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब तक संक्रमित हो चुके मरीजों की संख्या बढ़कर 4,31,47,530 हो गई है। उपचाराधीन मरीज बढ़कर 15,814 हो गए हैं। वहीं, संक्रमण से 14 लोगों ने जान गंवाई।
सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम को भी को-विन से जोड़ने की तैयारी
केंद्र सरकार देश में कोरोना टीकाकरण के लिए इस्तेमाल हो रहे को-विन प्लेटफॉर्म से सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को भी जोड़ने की योजना बना रही है। को-विन के प्रमुख डॉ. आरएस शर्मा के मुताबिक, यूआईपी के को-विन प्लेटफॉर्म से जुड़ने पर पूरी टीकाकरण प्रणाली डिजिटल हो जाएगी।