मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि बेथनी अस्पताल की खिड़की से कूदकर जिस वरिष्ठ चिकित्सक की मौत हुई, उसमें कोविड-19 के संक्रमण पाए गए हैं। सीनियर डॉक्टर की मौत के बाद सोमवार रात को अस्पताल को सील कर दिया गया और इसे क्वारंटाइन में बदल दिया गया है। कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए डॉक्टर की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी। अस्पताल के सभी फर्श कीटाणुरहित हो गए थे और यह क्षेत्र आम जनता के लिए खतरनाक हो गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, "रोगी को मादक द्रव्यों के सेवन के लिए 30 मार्च को पुनर्वास के लिए भर्ती कराया गया था।" उन्होंने कहा कि आत्महत्या का कारण मनोरोग संबंधी समस्याओं से जुड़ा था। ऐसे में इसका कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं है।
इस बीच शिलांग के जिला मजिस्ट्रेट ने मंगलवार की सुबह 6 बजे से शिलॉन्ग ढेर क्षेत्र में 48 घंटे के लिए कर्फ्यू लगा दिया है।
इस मामले पर एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "सभी निवासियों से अनुरोध है कि वे कृपया सहयोग करें और घरों से बाहर निकलने से परहेज करें। यह इसलिए जरूरी है ताकी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संपर्क ट्रेसिंग कर सकें और जरूरी उपचारात्मक उपाय कर सकें।"
इस दौरान 22 मार्च या उसके बाद बेथानी अस्पताल, नोंग्रिम हिल्स, शिलांग में जो लोग गए थे, सरकार ने उन सभी लोगों से अनुरोध किया है वो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 108 पर कॉल करके खुद को पंजीकृत करें।