कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में एक चार घंटे और 40 मिनट के अंतरराष्ट्रीय विमान में दो लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने इस संभावना की पुष्टि की है कि किसी विमान में वायरस फैल सकता है लेकिन उसके संक्रमण का जोखिम काफी कम होगा।
कुल मिलाकर, अन्य 78 यात्रियों (91%) में से 71 जो उड़ान में समूह के संपर्क में थे, उन्होंने साक्षात्कार पूरा किया और उड़ान के छह से नौ सप्ताह बाद इनमें से 13 व्यक्तियों से सीरम के नमूने प्राप्त किए गए। विश्लेषण बताता है कि इस समूह से संपर्क में आने वाले दो लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई।
हालांकि शोधकर्ताओं का मानना है कि ये संक्रमण उड़ान के पहले और बाद में कभी भी हो सकता है। कई और यात्री नहीं आए, इसलिए ये कह पाना मुश्किल है कि उनमें कोरोना के लक्षण है या नहीं। विमान में वायरस फैलने का एक मुख्य कारण बंद दरवाजे हो सकते हैं।
हालांकि लोग बोलते समय भी माइक्रोस्कोपिक वायरल पार्टिकल्स सांस के जरिए बाहर छोड़ते हैं लेकिन इसका खतरा तब बढ़ जाता है जब, कोई खांसा या छींका हो। ऐसी स्थितियों में लंबे समय वाली उड़ानें ज्यादा खतरनाक हो सकती है।