प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 अक्तूबर से पहले केदारनाथ मंदिर जाने की उम्मीद है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया, पीएम मोदी उत्तराखंड के दौरे के दौरान केदारनाथ के दर्शन कर राज्य के नेताओं से मुलाकात करेंगे। उनकी यात्रा की संभावित तिथि छह अक्तूबर मानी जा रही है। अपने कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी की मंदिर की यह दूसरी यात्रा होगी, आखिरी बार उन्होंने 2019 में केदारनाथ मंदिर का दौरा किया था।
राष्ट्रपति भवन में चेंज ऑफ गार्ड समारोह 9 अक्तूबर से शुरू होगा, जो कोरोना महामारी के कारण रोक दिया गया था। राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया, यह कार्यक्रम हर शनिवार (सरकारी अवकाश को छोड़कर) को सुबह आठ बजे से नौ बजे तक होगा। इस समारोह में ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से शामिल हुआ जा सकता है।
गुजरात सरकार ने आठ प्रमुख शहरों में रात के कर्फ्यू के समय में एक घंटे की ढील दी है, जो रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक 10 अक्तूबर तक प्रभावी रहेगा। साथ ही नवरात्रि उत्सव के मद्देनजर, दुर्गा पूजा और विजयदशमी समारोहों में 400 व्यक्तियों की सीमा के साथ हाउसिंग सोसाइटियों और गलियों में गरबा की अनुमति दी है।
कांग्रेस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान और राजनीतिक विरासत को कम आंका है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने नेताजी के जीवन व योगदान पर प्रदर्शनी के उद्धाटन कार्यक्रम में ये बात कही। उन्होंने कहा, हम नेताजी के गौरव को वापस लाएंगे। इसीलिए इन महान हस्तियों के त्याग के बारे में बताने के लिए पूरे देश में अमृत महोत्सव का आयोजन हो रहा है।
युनाइटेड ब्रेवरीज लिमिटेड से जुड़े देबब्रत मुखर्जी को ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन का प्रमुख चुना गया है। मुखर्जी 2021-22 के लिए इस पद पर निर्वाचित हुए हैं। मुखर्जी के पास मार्केटिंग और सेल्स के क्षेत्र में 27 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्होंने कई बड़ी कंपनियों में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दी है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से अनधिकृत रूप से भूजल दोहन के आरोप में नोएडा की एक सोसायटी पर 25 लाख जुर्माना लगाने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। आदेश के खिलाफ गोल्फ कोर्स सोसायटी की ओर से याचिका दायर की गई थी।
जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने नोएडा गोल्फ कोर्स सोसायटी की इस याचिका पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण, नोएडा और अन्य को नोटिस जारी किया है। साथ ही पीठ ने इस याचिका को एक समान लंबित मामले के साथ जोड़ दिया। सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, भूजल का अत्यधिक दोहन न करें। क्या आप अभी भी भूजल वापस ले रहे हैं।