कोरोना से छुटकारा पाने के लिए दुनिया को अब तक टीका नहीं मिल पाया है लेकिन टीका बनाने वाली फार्मा कंपनियों की मार्केटिंग और उनके दावों ने प्री बुकिंग में ही करोड़ों रुपये कमाना शुरू कर दिया है। स्थिति यह है कि दुनिया के लगभग सभी बड़े देशों में कोविड-19 टीके की बुकिंग को लेकर होड़ सी मच गई है।
सभी को समान स्टॉक देने के नियमों पर कोई देश नहीं दे रहा ध्यान, 17 देशों ने खोला पिटारा
अब तक कई 100 करोड़ रुपये के आर्डर अलग-अलग देशों से फार्मा कंपनियों को मिल चुके हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इन देशों में भारत भी शामिल है जिसने 18.5 फीसदी टीके का स्टॉक प्री बुक किया है।
तीन फार्मा कंपनियों को अब तक करीब 147 अरब रुपये का ऑर्डर मिल चुका है। अब तक दुनिया के 17 देशों ने कोरोना के टीके के लिए तीन बड़ी कंपनियों को करोड़ों रुपये का ऑर्डर दिया है। सबसे ज्यादा कनाडा ने कोरोना टीका के लिए ऑर्डर दिया है। जबकि जापान, ब्रिटेन और अमेरिका ने भी करोड़ों खुराक का ऑर्डर कर दिया है।
प्री बुकिंग के इस खेल में टीका के प्रति देशों की उत्सुकता साफ नजर आ रही है। लेकिन इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाए गए नियमों का खुलेआम उल्लंघन भी दिखाई दे रहा है। दरअसल, डब्ल्यूएचओ ने कोवैक्स नामक एक प्लेटफार्म बनाया था जिसमें अब तक 172 देश शामिल हो चुके हैं। इस प्लेटफार्म को बनाने का मकसद सभी देशों को समान अधिकार के तहत कोरोना का टीका उपलब्ध कराना है।
पूरी आबादी के लिए प्री बुकिंग में दिया ऑर्डर
जानकारी के अनुसार, कनाडा, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका ने कोरोना वायरस के टीके के लिए अपनी पूरी आबादी के लिए प्री बुकिंग में ही ऑर्डर दे दिया है। अगर भारत की बात करें तो देश में सबसे पहले 30 करोड़ लोगों को टीका दिया जाएगा। सरकार इसी के अनुसार, अपनी योजना भी बना रही है लेकिन दूसरे देशों की बात करें तो वह पहली बार में ही अपनी पूरी आबादी के लिए टीका खरीदना चाहते हैं।
127.7 प्रतिशत प्री बुकिंग कनाडा की
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार, अब तक टीका प्राप्त नहीं हुआ है। लेकिन दुनियाभर से फाइजर, मॉडर्ना और एस्ट्राजनेका टीका के लिए आर्डर उठा रहे हैं। इन तीन कंपनियों को अब तक मिले ऑर्डर के अनुसार, कनाडा ने 127.7 प्रतिशत खुराक की प्री बुकिंग की है जो दुनिया के अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा है।
जापान, ब्रिटेन और अमेरिका ने भी दिया ऑर्डर
कनाडा की तरह दुनिया के और भी कई देशों ने अपना पिटारा खोलते हुए करोड़ों रुपये की खुराक के आर्डर फार्मा कंपनियों को दिए हैं। इनमें से जापान ने 114.6, ब्रिटेन ने 108.7, यूएस ने 106.6, ऑस्ट्रेलिया ने 87.6, चिली ने 65, स्विट्जरलैंड ने 26, अर्जेंटीना ने 24.7, ब्राजील ने 23.9, इंडोनेशिया ने 18.7, पेरू 15.5, न्यूजीलैंड ने 15.3 और मित्र देश का 15.2 फीसदी ऑर्डर हैं। कंपनी को मिले ऑर्डर में भारत की ओर से 18.5 फीसदी की सहभागिता है।
प्री बुकिंग की यह स्थिति सामने आने के बाद स्पष्ट है कि मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देश का एक बार फिर करोड़ों, अरबों रुपये का बजट खर्च कर छोटे देशों से पहले खुद कोरोना मुक्त होने का प्रयास कर रहे हैं।
भारत ने दिया 50 करोड़ डोज का आर्डर
लगभग सभी बड़े देश अलग-अलग कंपनियों को अलग-अलग प्री बुकिंग करा रहे हैं लेकिन भारत में अब तक एक ही कंपनी को प्री बुकिंग का ऑर्डर दिया है। भारत ने एस्ट्रेजनेका कंपनी के टीका के लिए 50 करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया है जिसे पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तैयार कर रहा है।