शुक्रवार को हुई राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाह समूह (एनटीएजीआई) की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि दो अलग-अलग वैक्सीन खुराक देने पर देश में अधिक से अधिक अध्ययन होने चाहिए, ताकि इसे लेकर सटीक जानकारी मिल सके। साथ ही आईसीएमआर या अन्य कोई भी वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र मिश्रित खुराक को लेकर अध्ययन कर सकेगा।
कोरोना वैक्सीन की मिश्रित खुराक काफी असरदार बताई जा रही है लेकिन भारत में अभी तक इस पर कोई अध्ययन नहीं हुआ है। साथ ही टीकाकरण प्रोटोकॉल में भी मिश्रित खुराक देने का विकल्प नहीं है। जबकि हाल ही में उत्तर प्रदेश में 20 लोगों को मिश्रित खुराक दिए जाने का मामला भी सामने आया है।
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आईसीएमआर सहित सभी वैज्ञानिक अनुसंधान को सरकार देगी मंजूरी
इसी के चलते अब फैसला लिया गया है कि देश में एक ही व्यक्ति पर दो अलग-अलग वैक्सीन की खुराक देकर परीक्षण करने की अनुमति दी जाएगी। इस अनुमति के बाद आईसीएमआर या अन्य कोई भी वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र मिश्रित खुराक को लेकर अध्ययन कर सकेगा जिसके परिणामों की समीक्षा करने के बाद आगे की योजना तैयार की जा सकेगी।
राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाह समूह की बैठक में लिया फैसला
शुक्रवार को हुई राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाह समूह (एनटीएजीआई) की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि दो अलग-अलग वैक्सीन खुराक देने पर देश में अधिक से अधिक अध्ययन होने चाहिए, ताकि इसे लेकर सटीक जानकारी मिल सके।
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इसके अलावा समिति ने स्वास्थ्य मंत्रालय से सिफारिश की है कि जब तक ठोस अध्ययन सामने नहीं आता है। तब तक देश में एक व्यक्ति एक ही तरह की वैक्सीन की दो खुराक दी जाए। इसके लिए समिति ने मंत्रालय की ओर से राज्यों को सख्त निर्देश देने की अपील भी की है। जानकारी मिली है कि आज को स्वास्थ्य मंत्रालय इस बारे में और विस्तृत दिशानिर्देश राज्यों को जारी करेगा।