बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को एक करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए नौ कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। फिलहाल, बीएमसी इन कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए कागजातों की जांच कर रही है। इसके उपरांत बीएमसी तय करेगी कि किस कंपनी को वैक्सीन की आपूर्ति का ठेका दिया जाए।
देश में कोरोना की तीसरी लहर आने से पहले बीएमसी ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करना चाहती है। एक करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए बीएमसी ने पिछले महीने ग्लोबल टेंडर जारी किया था। एक जून तक निविदा भरने का आखिरी मौका था। वैक्सीन का ठेका देने से पहले बीएमसी वैक्सीन उपलब्ध कराने वाली कंपनियों व वैक्सीन उत्पादक कंपनियों के बीच व्यावसायिक संबंधो की बारीकी से जांच कर रही है।
क्योंकि बीएमसी को वैक्सीन आपूर्ति के लिए जिन कंपनियों की ओर से प्रस्ताव आए हैं उसमें सीधे तौर पर वैक्सीन निर्माता कंपनी शामिल नहीं है। इसलिए बीएमसी पहले संतुष्ट होना चाहती है कि कंपनी को समय पर वैक्सीन उपलब्ध कराने में कोई अ?चन न आए और उचित मात्रा में समय पर डोज उपलब्ध हो सके। साथ ही, वैक्सीन की दर व डिपॉजिट राशि क्या होगी। इसके बाद ही ठेका देने का अंतिम निर्णय लेिया जाएगा।
नौ में से सात ने दिए स्पूतनिक वी टीके का प्रस्ताव
बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल के अनुसार समयसीमा के भीतर कुल 10 कंपनियों ने प्रस्ताव दिया, जिसमें से एक कंपनी ने अपना प्रस्ताव वायस ले लिया है। उसके बाद कुल 9 कंपनियां रेस में हैं। इन नौ में से 7 कंपनियों ने स्पुतनिक वी और एक कंपनी ने स्पूतनिक लाईट वैक्सीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, एक आपूर्तिकर्ता मान्यताप्राप्त वैक्सीन में से जो प्राप्त होगी वह उपलब्ध कराएगा।
बता दें कि महाराष्ट्र के मंत्री व राकांपा नेता नवाब मलिक ने मंगलवार को कहा कि पार्टी प्रमुख शरद पवार सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला से बात करेंगे, ताकि कोरोना वैक्सीन की खरीदी की जा सके। इसके साथ ही पवार महाराष्ट्र को सीरम से सीधे टीके खरीदी की इजाजत देने के लिए केंद्र सरकार से भी चर्चा करेंगे।
महाराष्ट्र सरकार राज्य में टीकाकरण तेजी से करना चाहती है। इसके लिए उसने व मुंबई महानगर पालिका यानी बीएमसी ने वैश्विक टेंडर भी जारी किए हैं, लेकिन टीके नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में केंद्र की अनुमति से महाराष्ट्र सरकार सीरम इंस्टीट्यूट से सीधे टीके खरीदना चाहती है।