भारत सरकार ने शनिवार को पांच देशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य कर दी। इन देशों में चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड शामिल हैं।
चीन के बाद भारत में भी कोरोना के नए वेरिएंट का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए भारत सरकार हवाई अड्डे पर रैंडम आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य कर दी है। भारत के इस कदम से प्रवासी भारतीयों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, प्रवासी भारतीयों समेत छुट्टी मनाने के लिए आने वालों की यात्रा योजनाओं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। यह बात रविवार को भारतीय समुदाय के लोगों ने कही।
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इससे पहले भारत सरकार ने शनिवार को पांच देशों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य कर दी। इन देशों में चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड शामिल हैं। भारत ने कोविड-19 मामलों में कमी और व्यापक स्तर पर टीकाकरण के बाद नवंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अनिवार्य आरटी-पीसीआर जांच बंद कर दी थी।
यहां रहने वाली डॉ. संपत शिवांगी 4 जनवरी को इंदौर में आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस में हिस्सा लेने वाली हैं। वह हैदराबाद में एक अन्य कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। शिवांगी ने कहा, चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और मौतों की खबरों के बीच भारत कोविड से जुड़ी स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है।
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उन्होंने कहा, हम भारत सरकार की सराहना करते हैं जिसने सफलतापूर्व कोविड से लड़ाई लड़ी और इस तरह के किसी भी खतरे से निपटने की योजना बनाई है। इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता के रूप में मैं अपनी भागीदारी लेकर उत्सुक हूं।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन के प्रमुख अंकुर वैद्य ने कोविड सतर्कता के मद्देनजर भारत द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने कहा कि आगामी प्रवासी भारतीय दिवस पर भी विचार करने की आवश्यकता है, जिसके लिए विदेश मंत्रालय ने व्यापक तैयारियां की हैं। वैद्य ने कहा, जिन्होंने विदेश मंत्रालय के आश्वासन पर प्रीमियम किराया टिकट खरीदे हैं, वे एक निश्चित स्थिति में होंगे।