दो अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों के पहुंचने से महज दो दिन पहले 18 अप्रैल को मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने कहा था कि राज्य में कोरोना वायरस के 233 मामले सामने आए और बस 12 मरीजों की जान गई । राज्य में 4,600 नमूनों का परीक्षण किया गया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर इस बीमारी के कुल मामले 1259 और उससे मरने वालों की संख्या 133 बताई गई। तृणमूल नेता ने कहा कि पार्टी का एक वर्ग कोविड-19 मौतों के प्रमाणन के लिए विशेषज्ञ ऑडिट समित के गठन की जरूरत को लेकर अनिश्चित था।
लेकिन समिति बनाई गयई और उसने कोविड-19 मरीजों की मौतों की बड़ी संख्या की जांच की और बहुत कम मौत के लिए इस वायरस को जिम्मेदार माना एवं उच्च रक्तचाप, हृदया एवं वृक्क की बीमारी जैसे अन्य रोगों को जिम्मेदार ठहराया।
इस बीच कोविड-19 के मरीजों की मौत और कथित रूप से उनके शवों के चोरी छिपे दाहसंस्कार एवं दफनाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वाइरल हो गए। एक अन्य तृणमूल नेता ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए यह बड़ा जोखिमपूर्ण बन रहा था।