अमेरिका में संक्रमण बढ़ाने वाला कोरोना वायरस का बीए.5 स्वरूप भारत में कमजोर पड़ चुका है। जीनोम सीक्वेंसिंग से वायरस के परिवर्तन पर निगरानी रखने वाले इन्साकॉग ने इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है।
बीए.5 छह महीने से भारतीय कोरोना संक्रमित मरीजों में मिल रहा था, लेकिन पिछले 30 दिन में इसकी मौजूदगी न के बराबर है। इन्साकॉग से जुड़े पुणे मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. राजेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘बाय बाय बीए.5।’ उन्होंने बताया, बीए.5 का स्थान बीए.2.75 ने ले लिया है।
ऐसे हो रहा है लुप्त
इन्साकॉग वेबसाइट के अनुसार, इस साल फरवरी से लेकर अप्रैल माह के बीच ओमिक्रॉन के बीए.5 वैरिएंट के मामले सबसे ज्यादा दर्ज किए जा रहे थे लेकिन इसके बाद लगातार गिरावट देखने को मिली है। बीते सप्ताह देश में 15 फीसदी मरीजों में बीए.5 वैरिएंट, 6.5 फीसदी में बीए.2.38, 5.4 फीसदी में बीए.2 और बीए.2.10 स्वरूप मिला है। 60 फीसदी से अधिक में बीए.2.75 मिला।
11539 नए संक्रमित, 34 की गई जान
देश में कोरोना के नए मामलों में मामूली गिरावट आई है। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते एक दिन में 11,539 लोग कोरोना संक्रमित मिले। वहीं, 34 की मौत हुई। इसके चलते कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,43,39,429 पर पहुंच गई, जबकि उपचाराधीन मरीजों यानी सक्रिय मामलों की संख्या 1,01,166 से घटकर 99,879 रह गई है।
डब्ल्यूएचओ की संक्रामक रोग महामारी विज्ञानी डॉ. मारिया वान केरकोव ने कहा कि ओमिक्रॉन के बीए.5 स्वरूप की वजह से दुनिया भर में असर दिखाई दे रहा है। अमेरिका में लगभग हर दूसरा संक्रमित मरीज इसी स्वरूप से पीड़ित मिल रहा है।