कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित रही महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अब स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। आंकड़ों की मानें तो कोविड-19 के मामलों की संख्या एक लाख के करीब होने के बावजूद देश की वित्तीय राजधानी में ठीक होने की दर करीब 70 प्रतिशत है. यह राष्ट्रीय औसत से सात प्रतिशत अधिक है।
पीआईबी की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि (शुक्रवार तक) देश में कोविड-19 के मामले 3,42,756 थे और ठीक हुए मरीजों की संख्या करीब 6.35 लाख थी जो कि सामने आए मामलों का 63 प्रतिशत है।
मुंबई में ठीक होने की दर महाराष्ट्र से करीब 15 प्रतिशत अधिक है जो कि 55.62 प्रतिशत है।
महाराष्ट्र मेडिकल एजुकेशन एंड ड्रग्स डिपार्टमेंट (एमईडीडी) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मुंबई में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 24,307 थी जबकि 67,830 मरीज अब तक संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।
मुंबई में कोविड-19 से ठीक होने की दर जून के मध्य तक लगभग 50 प्रतिशत थी, जब बीएमसी ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए त्वरित कार्ययोजना के तहत ‘मिशन जीरो’ शुरू किया था।
पीआईबी के बयान में कहा गया है कि एक जुलाई को यह दर सुधरकर 57 प्रतिशत तक हुई और आगे 15 जुलाई को करीब 70 प्रतिशत हो गई।
बीएमसी के अनुसार, शहर में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 98,979 हो गई, जबकि महामारी के कारण मरने वालों की संख्या 5,582 हो गई।
इस शहर में लगभग 6.5 लाख की आबादी वाली एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी भी शामिल है, जो महानगर में कोविड-19 हॉटस्पॉट में से एक के तौर पर उभरी है। हालांकि, वहां शुक्रवार को केवल 102 उपचाराधीन मामले थे।