कोरोना की दूसरी लहर में महामारी को लेकर केंद्र सरकार की सक्रियता को लेकर सोशल मीडिया पर जब सवाल उठने लगे तो पीएमओ चिंतित होने लगा। ऐसे में अब संकेत हैं कि धीरे-धीरे केंद्र सरकार कोविड-19 संक्रमण को लेकर सक्रियता और बढ़ा रही है। सूत्र बताते हैं कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 संक्रमण को लेकर देश की जनता को संबोधित भी कर सकते हैं।
सरकार सक्रिय दिखाई देने लगी है इसका संकेत इससे भी मिलता है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सुबह साढ़े आठ बजे मीटिंग ले ली। वे एम्स गए और कोविड संक्रमितों से भी मिले। शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संक्रमण की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर, आईसीयू में बेड, वेंटिलेटर, कोविड केयर सेंटर समेत तमाम उपायों और सेवाओं की उपलब्धता पर काफी जोर दिया।
लोगों की टिप्पणी से पीएमओ परेशान
दरअसल, पीएमओ के अधिकारियों को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को लेकर लोगों की टिप्पणी काफी परेशान कर रही है। लोग कोविड के बढ़ रहे संक्रमण पर प्रधानमंत्री की चुप्पी या फिर परिदृश्य से गायब रहने का आरोप लगा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि संक्रमण बढ़ रहा है, कहां हैं पीएम?
लगातार सक्रिय हैं पीएम मोदी
इस बारे में पीएमओ के एक अधिकारी का कहना है कि लोग राजनीतिक कारणों से प्रधानमंत्री मोदी पर भले सवाल उठाएं, लेकिन वह लगातार सक्रिय हैं। उनकी नीयत पर कभी संदेह नहीं किया जा सकता। वह जल्द ही एक तैयारी के साथ देश की जनता को अपना संदेश दे सकते हैं।
दो दिन पहले राज्यपालों से चर्चा की
सूत्र का कहना है कि प्रधानमंत्री ने आज समीक्षा बैठक की है। लोगों को सभी जरूरी उपाय के बाबत निर्देश दिए हैं। दो दिन पहले उन्होंने राज्यपालों के साथ कोविड-19 संक्रमण के बाबत चर्चा की थी। इससे पहले वह राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वर्चुअल संवाद कर चुके हैं। दूसरी तरफ केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय देश भर के स्वास्थ्य सचिवों, स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ चर्चा करके संक्रमण से बचाव के प्रयासों में तेजी ला रहा है।
प्रधानमंत्री ने हमेशा कोविड से बचाव का मंत्र दिया, लोग मानें तब न
पीएमओ के सूत्र का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देश की जनता को कोविड व्यवहार अपनाने का मंत्र दिया है। वह मीडिया के माध्यम से भी जनता के सामने आए हैं। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी का कहना है कि यह नारा प्रधानमंत्री का ही था कि 'जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।'
संख्या घटने व टीकाकरण के बाद दिखी लापरवाही
उन्होंने कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते समय भी लोगों से हमेशा कोविड से बचाव के उपाय करने को कहा था, लेकिन लोगों की लापरवाही ने हालात बिगाड़ दिए। पहली बड़ी लापरवाही कोविड संक्रमितों की संख्या बिल्कुल घट जाने और टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद हुई। लोग बिना मास्क पहने भीड़-भाड़ वाले इलाके में लापरवाही बरतते देखे गए। चुनाव अभियान और समारोहों में भी लोगों ने खूब लापरवाही बरती।