कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर के बाद देश के पर्यटन उद्योग में सुनामी आ गई है। इस उद्योग के नुकसान को समझने के लिए नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनामिक रिसर्च ने जो आंकड़े केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को दिए हैं वह चौंकाने वाले हैं। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक इस उद्योग से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े 90 फीसदी लोग बेरोजगार हो गए।
मंत्रालय के मुताबिक पहली लहर के बाद भी पर्यटन मंत्रालय को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता शुरू की गई थी और दूसरी लहर के बाद इसको और आगे बढ़ाया जा रहा है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में इस उद्योग से सीधे तौर पर तीन करोड़ 48 लाख लोग जुड़े हुए थे।
सवा तीन करोड़ लोग बेरोजगार हुए
पर्यटन उद्योग को वापस पटरी पर लाने के लिए नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनामिक रिसर्च ने सर्वे किया। सर्वे का मकसद यह था कि पूरी जानकारी इकट्ठा हो सके और प्रत्यक्ष रोजगार में शामिल लोगों के नुकसान की भरपाई की जा सके। उनको वापस रोजगार दिलाया जा सके। इसके अलावा मंद पड़ चुके या कुछ अलग-अलग इलाकों में पूरी तरीके से बंद हो चुके पर्यटन उद्योग को दोबारा ऑक्सीजन दी जा सके। मंत्रालय के मुताबिक कोरोना के आने के बाद पहली और दूसरी लहर में सवा तीन करोड़ लोग पूरी तरह से बेरोजगार हो गए हैं।
विदेशी मुद्रा की कमाई भी ठप
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस महामारी ने ना सिर्फ लोगों को बेरोजगार किया बल्कि पर्यटन के माध्यम से होने वाली विदेशी मुद्रा की कमाई भी पूरी तरीके से ठप हो गई। मंत्रालय के मुताबिक इतनी बड़ी इंडस्ट्री में हुए इतने बड़े नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने पूरी तैयारियां की हैं।
ऐसे उबरेगा यह उद्योग
केंद्रीय पर्यटन मंत्री के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों के पर्यटन मंत्रियों समेत केंद्रीय मंत्रालय के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी और इस उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का एक टास्क फोर्स तैयार किया गया है। जो पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए न सिर्फ अपनी सिफारिशें करेगा बल्कि मंत्रालय उनको बाद में लागू भी करेगा। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है जैसे ही महामारी ढलान पर होगी और महामारी में लग रहे टीके अधिक से अधिक लोगों को लग जाएंगे तो इस उद्योग में भी उत्तरोत्तर वृद्धि होनी शुरू हो जाएगी।
लोगों को घूमने के लिए प्रेरित किया जाएगा
पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं। मंत्रालय के मुताबिक नॉर्थ, साउथ, ईस्ट-वेस्ट और सेंट्रल इंडिया के सभी राज्यों को उस योजना में शामिल किया गया है। इसमें 'प्रसाद' योजना के तहत कई परियोजनाएं स्वीकृत भी हो चुकी हैं। जिनको बहुत जल्द शुरू किया जाएगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों को पर्यटन के लिहाज से देश घूमने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।