महामारी से जहां रोजाना सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है, वहीं लोगों को बचाने के लिए बनाई गई व्यवस्थाएं भी अलग-अलग वजहों से बिगड़ चुकी हैं। कई जगह जरूरी टीकों की कालाबाजारी से लेकर चोरी तक हो रही है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों द्वारा लाखों रुपये वसूले जा रहे हैं, जिससे इलाज से दूर मरीजों की मौत भी हो रही है। जानिए बुधवार को विभिन्न राज्यों में सामने आए ऐसे ही कुछ मामले...
महाराष्ट्र: 8 लाख वसूल रहे प्राइवेट अस्पताल
सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों की संख्या और उनमें बेड नहीं बढ़ाने की कीमत मरीज अपनी जान देकर चुका रहे हैं। ऐसे हालात में भी प्राइवेट अस्पताल इन मरते मरीजों और उनके परिजनों को लूट रहे हैं। महाराष्ट्र के पुणे, औरगांबाद, नागपुर, ठाणे सहित कई जिलों में प्राइवेट अस्पताल कोविड-19 संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए तीन लाख से आठ लाख रुपये तक वसूल रहे हैं। अधिकतर मरीज इस भारी खर्च से बचने के लिए सरकारी अस्पताल में बेड मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तब तक कोरोना वायरस उनके फेफड़ों में फैलकर जानलेवा बन रहा हैं।
राजस्थान: कोवाक्सिन के 320 डोज चोरी
शास्त्रीनगर के कावंटिया अस्पताल में रखी गई कोवाक्सिन की 320 डोज चोर लेकर चले गए। चोरी 12 अप्रैल को हुई थी, लेकिन पुलिस केस बुधवार को दर्ज करवाया गया। ऐसे समय में जब कई राज्यों में टीके की कम डोज बची हैं, यह चोरी व्यवस्थाओं को और बिगाड़ने का काम कर रही है। यहां कई जिलों में दवाओं की कालाबाजारी और अधिक कीमत पर बेचने की शिकायतें भी आ रही हैं।
छत्तीसगढ़: दवाओं की कालाबाजारी तेज
अव्यवस्था दवाओं की कालाबाजारी के रूप में सामने आई। करीब 3,500 के रेमडेसिविर इंजेक्शन 12 से 15 हजार रुपये में बेचे जा रहे हैं। कई मेडिकल स्टोर वालों ने इस महामारी को पैसा कमाने का जरिया बना लिया है। यहां रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित शहर है, जहां रेमडेसिविर की मांग बढ़ती देख इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है। कई कोविड-19 केंद्रों पर निर्देश के बावजूद यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है।
गुजरात: श्मशान के बाहर लंबी कतारें
गुजरात के कई जिलों में श्मशान के बाहर कोविड-19 से मरे लोगों का अंतिम संस्कार करने आए उनके परिजनों की कतारें नजर आईं।परेशान लोग पिछले एक हफ्ते से मजबूरी में अपने प्रियजनों की रात को भी शव दाह करने पर मजबूर हैं, क्योंकि दिन में बारी नहीं आ सकी। सामान्यत: हिंदू ऐसा नहीं करते। अहमदाबाद में शवदाह के लिए आठ-आठ घंटे कतार में इंतजार कर रहे हैं। सोमवार को सूरत में एक साथ 25 शवदाह किए गए। वडोदरा में नगर निगम के अधिकारी हितेंद्र पटेल ने बताया कि भीड़ की वजह से रात को शव दाह किए जा रहे हैं। अस्थियां जमा करने के लिए धातु की 75 ट्रे लगाई हैं, ताकि दाह स्थल जल्द खाली कर दूसरे शव दाह करवा सकें।