ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समिति की सदस्यों ने घर-घर जाकर लोगों की जांच की।
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गांवों में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए 69 लाख, 63 हजार, 359 स्वयं सहायता समूह की साढ़े सात करोड़ से ज्यादा ‘ग्राम सखी’ और ’दीदी’ लोगों में जागरूकता फैला रही हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, एसएचजी समूह की बहनें गांवों में कोरोना के खिलाफ इस जंग में लोगों को मास्क बनाना सिखा रही हैं।
इसके साथ संक्रमित होने पर एकांतवास और भोजन व स्वच्छता के बारे में लोगों को जागरूक कर रही हैं। इसके तहत ये महिलाएं 10 से 12 के समूह में एकत्र होकर न केवल आजीविका अर्जित कर रही हैं, बल्कि ग्राम पंचायतों की मदद से ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार से लेकर उन्हें लागू कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
महाराजगंज, लखनऊ समेत कई अंचलों पीपीई किट और मास्क कर रहीं तैयार
उत्तर प्रदेश में 4 लाख 63 हजार 321 एसएचजी हैं जो कि कोरोना काल में मुस्तैदी से जुटे हैं। इनमें महाराजगंज, बस्ती, बाराबंकी और लखनऊ के 5 हजार से ज्यादा एसएचजी की बहनें सर्जिकल मास्क, पीपीई किट और कोरोना से बचाव के लिए बनने वाले सामानों का निर्माण कर रही हैं। इसके अलावा राज्य में हाल ही में हुए पंचायत चुनाव के बाद से फैल रहे कोरोना संक्रमण के प्रकोप को रोकने के लिए गांव- गांव में हैंड सेनिटाजर, हैंड वॉश, के निर्माण के साथ ही उपयोग के बारे में भी लोगों को विस्तार से बता रही हैं।