अदालत ने कहा कि घर से बाहर निकलने वाले व्यक्ति को कम से कम नाक और मुंह ढकने वाला मास्क पहनना चाहिए। न्यायमूर्ति घुगे ने कहा कि ठोड़ी से नीचे मास्क पहनने वाले या मुंह अथवा ठोड़ी खोलकर चलने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग अकसर कोरोना वायरस को फैलाने वाले बन जाते हैं।
अदालत ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल का कोई सदस्य या कोई प्रभावशाली व्यक्ति लॉकडाउन उल्लंघनकर्ता की मदद करने के लिए अपने प्रभाव का उपयोग न करे। पीठ ने पिछले सप्ताह ऑक्सीजन तथा रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी और लोगों द्वारा लॉकडाउन पाबंदियों का पालन नहीं किए जाने आदि कोविड-19 महामारी से संबंधित मामलों पर स्वत: संज्ञान लिया था। अदालत ने कहा कि ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के वितरण की सरकार की नीति में हस्तक्षेप करने की उसकी कोई मंशा नहीं है।