कोरोना महामारी से निपटने में पड़ोसी देशों की मदद के लिए भारत अलग से रैपिड रिस्पांस टीम बना रहा है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ये टीम बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और अफगानिस्तान भेजी जाएंगी। पिछले महीने भारत की तरफ से मालदीव में कोरोना टेस्टिंग लैबोरेटरी बनाने और स्थानीय चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए 14 सदस्यों की एक रैपिड रिस्पांस टीम वहां गई थी।
इससे पहले भारत ने कुवैत के साथ द्विपक्षीय सहयोग के तहत वहां 15 सदस्यीय टीम भेजी थी। इसमें सेना के स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे। तीन सप्ताह पहले भारत ने कोविड-19 संकट के के मद्देनजर श्रीलंका को आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की 10 टन की खेप भेंट की थी।
महामारी से निपटने के लिए भारत ने सभी पड़ोसी देशों को हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया है। भारत सरकार भी इस संकट से निपटने के लिए एक सामान्य ढांचा आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मालूम हो कि 15 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सार्क देशों से मिलकर इस वायरस से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने की बात कही थी। पीएम मोदी ने कोविड-19 के लिए इमर्जेंसी फंड बनाने का सुझाव दिया और भारत की तरफ से इसके लिए एक करोड़ डॉलर देने का एलान किया था।