कोरोना की दूसरी लहर महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। पिछले साल आई पहली लहर में बुजुर्ग सबसे ज्यादा शिकार हुए थे। इस साल दूसरी लहर में महिलाएं व युवा भी ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं।
हैदराबाद के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दूसरी लहर में कुल संक्रमित मरीजों में महिलाओं का प्रतिशत, 38.5 प्रतिशत है, जबकि पिछले साल जुलाई में यह 34 प्रतिशत था। पूरे देश के आंकड़ों की बात करें तो महिलाएं 35.4 फीसदी संक्रमित हुई हैं। कुल संक्रमितों में 64.6 फीसदी पुरुष हैं।
इस बार महिलाएं अधिक संक्रमित क्यों हो रही हैं, इस सवाल के जवाब में महामारी विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में संक्रमण बढ़ने का कारण वायरस का म्यूटेट होना है। वायरस के स्वभाव में लगातार बदलाव आ रहा है। महिलाओं के अलावा युवा भी ज्यादा संख्या में वायरस की चपेट में आ रहे हैं। वहीं तीसरी कोरोना लहर में भी बच्चों और महिलाओं के लिए ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर आएगी जरूर।
बिहार में सबसे ज्यादा महिलाएं संक्रमित हुईं
पिछले साल सबसे ज्यादा 42 प्रतिशत महिलाएं बिहार में संक्रमित हुई थीं। महाराष्ट्र में 38 तो कर्नाटक में 36 और तमिलनाडु में 32 प्रतिशत महिलाएं संक्रमित हुईं।
ऑक्सीजन की कमी है वजह
ब्राजील में हुए एक शोध में सामने आया है कि वहां महिलाओं में ऑक्सीजन की कमी अधिक हो रही है। गर्भवती महिलाओं के केस में यह ज्यादा हो रहा है। डिलीवरी से पहले या बाद में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। वहां गर्भवती महिलाओं की मौत ज्यादा हो रही है।