फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना पर विशेषज्ञ बोले: सब जिम्मेदार हो जाएं तो तीन हफ्ते में काबू में आ सकते हैं हालात

Sun, 25 Apr 2021 05:59 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • डॉक्टर नरेश त्रेहान ने कहा कि समय पर सही दवा दी जाए तो 90 फीसदी मरीज घर पर ठीक हो सकते हैं
  • डाॅ. गुलेरिया ने कहा कि जो मरीज घर हैं और जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 से ज्यादा  है उन्हें रेमडेसिविर की कोई जरूरत नहीं है
विज्ञापन
डॉ नरेश त्रेहान - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में कोरोना संकट बीच देश के टॉप डॉक्टर्स एक बार फिर से इस खतरनाक महामारी से संबंधित मुद्दों पर बात की। इस बातचीत में दिल्ली एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया, मेदांता के चेयरमेन डॉ त्रेहान,  मेडिसिन एम्स के प्रोफेसर और एचओडी डॉ. नवीन विग और स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार ने अपनी बातें रखीं जो कि आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कोरोना पर हुई चर्चा की मुख्य बातें...

विज्ञापन


समय पर सही दवा दी जाए तो 90 फीसदी मरीज घर पर ठीक हो सकते हैं: डॉक्टर त्रेहान
इस दौरान मेदांता अस्पताल के डॉक्टर नरेश त्रेहान ने कोरोना महामारी पर चर्चा करते हुए कहा कि जैसे ही आपकी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, मेरी सलाह होगी कि आप अपने स्थानीय डॉक्टर से सलाह लें, जिसके साथ आप संपर्क में हैं। सभी डॉक्टर प्रोटोकॉल जानते हैं और उसी के अनुसार आपका इलाज शुरू करेंगे।  उन्होंने कहा कि समय पर सही दवा दी जाए तो 90 फीसदी मरीज घर पर ठीक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे स्टील प्लांट की ऑक्सीजन की बहुत क्षमता है लेकिन उनको ट्रांसपोर्ट करने के लिए क्रायो टैंक की जरूरत होती है जिसकी तादाद इतनी नहीं थी। लेकिन सरकार ने आयात कर लिए हैं, उम्मीद है कि आने-वाले 5-7 दिन में स्थिति काबू में आ जाएगी।  

तीन हफ्ते के भीतर कोरोना पर काबू पा सकते हैं:  डॉ. नवनीत
एम्स के एचओडी ऑफ मेडिसिन डॉ. नवनीत ने कहा कि दिल्ली में आज संक्रमण दर 30 फीसदी है, मुंबई में एक दिन 26 फीसदी था और मुंबई में कड़े प्रतिबंध लगाए गए तो संक्रमण दर 14 फीसदी हो गया। हमें कड़े प्रतिबंध लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा  कि अगर देश में सभी लोग जिम्मेदार हो जाएं तो तीन हफ्ते के भीतर कोरोना पर काबू पा सकते हैं।
विज्ञापन


भारत सरकार ने अपना कर्तव्य जिम्मेदारी से निभाया: डॉ सुनील कुमार
स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ सुनील कुमार ने कहा कि 2020 में यह नया वायरस आया और हम तैयार नहीं थे। भारत सरकार ने अपना कर्तव्य जिम्मेदारी से निभाया और परीक्षण क्षमता को बढ़ाया। हमें अपनी सरकार पर विश्वास करना चाहिए कि वह डॉक्टरों, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, महामारी विज्ञानियों के सुझावों के साथ ठोस और वैज्ञानिक कदम उठा रही है। डॉ सुनील  कहा कि खबरों पर इतना ध्यान केंद्रित न करें, केवल चुनिंदा समाचार देखें। देश में एक व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी चल रही है। इस पर ध्यान न दें। जिम्मेदारी से व्यवहार का पालन करें। इस व्यवहार को डॉक्टरों और समाज के साथ-साथ मीडिया को भी पालन करना होगा।  उन्होंने कहा कि टीकों को लेकर कई तरह की अफवाह फैली हुई है। मैं बताना चाहता हूं कि इसके कोई गंभीर दुष्परिणाम नहीं है, बल्कि यह नगण्य है। वैक्सीन और कोरोना का उपयुक्त व्यवहार दो विकल्प हैं जो हमें चेन को तोड़ने में मदद करेंगी। 

लोग घर में ऑक्सीजन सिलिंडर न रखें : डॉ. रणदीप गुलेरिया 
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति में जनता में भय का माहौल है और लोगों ने घर में इंजेक्शन, सिलिंडर रखने शुरू कर दिए हैं जिससे इनकी कमी हो रही है। कोरोना आम संक्रमण है, 85-90 फीसदी लोगों में ये आम बुखार, जुकाम होता है इसमें ऑक्सीजन, रेमडेसिविर की जरूरत नहीं पड़ती है। डाॅ.रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जो मरीज घर हैं और जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 से ज्यादा  है उन्हें रेमडेसिविर की कोई जरूरत नहीं है और अगर आम रेमडेसिविर लेते हैं तो उससे आपको नुकसान ज्यादा हो सकता है, फायदा कम होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें