प्रतिदिन 50 से 60 हजार नए मामले सामने आने से बढ़ी चिंता। टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों में से 12 में कोरोना के मामले कम हुए हैं, लेकिन कुछ अन्य जिलों में मामले अधिक हैं।
महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसी सख्त पाबंदी लागू होने के बावजूद राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या में कोई खास परिवर्तन नहीं आया है। इसको लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अब भी राज्य में संक्रमण के औसत मामलों की संख्या 50,000 से अधिक है, जो चिंता का विषय है।
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टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों में से 12 में कोरोना के मामले कम हुए हैं, लेकिन कुछ अन्य जिलों में मामले अधिक हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा घोषित लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध 14 अप्रैल को लागू हुए, जिसमें एक शहर से दूसरे शहर के साथ-साथ अंतर-जिला यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है।
राज्य में गैर आवश्यक सेवाओं को बंद कर दिया गया है। लोगों की आवाजाही पर सप्ताहांत प्रतिबंध सहित इन उपायों को बाद में 15 मई तक बढ़ा दिया गया है। टोपे ने कहा कि सरकार ने लॉकडाउन जैसे उपाय किए, लेकिन दैनिक मामलों की औसत संख्या अब भी 50,000 और 60,000 के बीच आ रही है। संक्रमण दर भी उच्च स्तर पर है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और यह तय करेगी कि इन लॉकडाउन जैसे उपायों को आगे बढ़ाया जाए या नहीं।