देशभर में लागू लॉकडाउन में दी गई छूट के बाद अब लद्दाख, सिक्किम, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, और उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में कोरोना ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। यहां पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक तेजी दर्ज की गई है।
लद्दाख के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में शुक्रवार तक तीन महीनों में 131 मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें ज्यादातर ईरान से लौटे तीर्थयात्री शामिल थे। लेकिन अनलॉक 1.0 के बाद से शनिवार को यहां 198 और रविवार को 112 नए मामले दर्ज किए गए। अधिकारियों का कहाना है कि बढ़ते मामले को देखते हुए ऑड-ईवन और दूसरे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
जम्मू और कश्मीर में रविवार तक करीब 5,000 कोविड-19 के मामले दर्ज किए गए। इस दौरान यहां 60 मरीजों की मौत भी हो गई। ज्यादातर मामले (3,800) कश्मीर घाटी से रिपोर्ट किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि देश के दूसरे राज्यों से लौटे कश्मीरियों में कोरोना के संक्रमण ज्यादा पाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बाहर से आए लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है।
सिक्किम की बात करें, तो 22 मई तक यह कोरोना मुक्त राज्य था। वहीं, गुरुवार तक यहां कोरोना के 12 मामले थे, लेकिन रविवार तक यहां कोविड-19 मरीजों की संख्या बढ़कर 68 हो गई। इनमें 50 मुंबई से वापस लौटे श्रमिक हैं, जिनमें टेस्टिंग के दौरान कोरोना के संक्रमण पाए गए। बता दें कि सिक्किम में दूसरे राज्यों से लौटे लोगों का 28-दिनों के लिए संस्थागत और घरेलू क्वारंटीन से गुजरना अनिवार्य कर दिया है।
उत्तराखंड के अधिकारियों ने कहा कि रविवार तक राज्य के 1,816 मामलों में से लगभग 30 फीसदी मामलों की रिपोर्ट पिछले पांच दिनों में की गई है और इसमें ज्यादातर प्रवासी शामिल हैं, जिनकी वापसी लॉकडाउन मानदंडों में ढील के कारण हुई है।
वहीं, हिमाचल की बात करें तो अधिकारियों ने कहा कि यहां के 512 मामलों में से एक-चौथाई मामले पिछले सप्ताह रिपोर्ट किए गए हैं।