तीन साल से कोरोना वायरस के कई वेरिएंट और उनके मिश्रित उप वेरिएंट सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक्सबीबी1.16 उप वेरिएंट का पता चला है यही जो पहली बार भारत में मिला था लेकिन अब यह 14 देशों तक पहुंच गया है। बीते दिनों देश में संक्रमण के मामलों में आए उछाल का कारण एक्सबीबी1.16 वेरिएंट है।
इसके चलते 30 फीसदी से अधिक मरीजों में यह उप वेरिएंट मिल रहा है। यह जानकारी देते हुए नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर के आईजीआईबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनोद स्कारिया ने बताया कि कोरोना के इस नए उप वेरिएंट का अनुपात पिछले कुछ हफ्तों में बढ़ता हुआ देखा गया है। अभी तक तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, पुडुचेरी, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा के सैंपल में इसकी पुष्टि हुई है। तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों में एक्सबीबी1.16 मामले सबसे अधिक हैं। हालांकि, कम जांच और सीमित जीनोम सीक्वेंसिंग के चलते वैज्ञानिक देश के अलग अलग राज्यों के अनुसार बहुत अधिक संभावना व्यक्त नहीं कर सकते हैं।
कर्नाटक व महाराष्ट्र में सबसे पहले मिले थे
लंबे समय से जीनोम सीक्वेंसिंग की निगरानी रखने वाले इन्साकॉग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि इस नए उप वेरिएंट के शुरुआती जीनोम फरवरी में कर्नाटक और महाराष्ट्र में सबसे पहले मिले थे। उन्होंने कहा, कोरोना वायरस की जीनोमिक निगरानी अभी भी जरूरी है। जैसे-जैसे लोग संक्रमित हो रहे हैं और वायरस के नए वंश उभर रहे हैं, ऐसे में लोगों का कोविड सतर्कता नियमों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। जिनका टीकाकरण अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उन्हें देरी नहीं करनी चाहिए।
एक हजार से ज्यादा लोग संक्रमित
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते दिन देश में 1,134 नए मामले सामने आए हैं। इससे पहले 19 मार्च को 1,071 मामले सामने आए थे। नए मरीजों की संख्या बढ़ने से सक्रिय मामले भी 7,026 तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा बीते दिन दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और केरल में पांच लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। देश में अब तक कोरोना के 4 करोड़ 46 लाख 98 हजार 118 मामले सामने आ चुके हैं। 4 करोड़ 41 लाख 60 हजार 279 लोग इससे रिकवर हो चुके हैं।