Corona Booster Dose: nasal vaccine
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भारतीय कोविड टीका निर्माता कंपनियों ने अब अपने टीकों को वैश्विक स्तर पर बूस्टर खुराक के तौर पर पेश करने की तैयारियों में जुट गई हैं। भारत बायोटेक की इंट्रानेजल वैक्सीन यानी नाक से के जरिए दी जाने वाली दवा को प्रीलिमिनरी डोज और कोवॉक्सिन को मिक्स एंड मैच बूस्टर, दोनों के तौर पर रखा गया है। इसे दवा नियामक से इसी माह मंजूरी मिलने की पूरी संभावना नजर आ रही है।
इसी तरह, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज यूनिवर्सल बूस्टर के तौर पर स्पूतनिक लाइट (रूसी टीके स्पुतनिक वी के सिंगल डोज वर्जन) से संबंधित डाटा सौंपने की योजना बना रही है। यूनिवर्सल बूस्टर या हेट्रोलॉगस बूस्टर का मतलब किसी व्यक्ति को लगने वाले तीसरे टीके से है, जो शुरू की दो खुराकों से अलग है। अप्रैल में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी अदार पूनावाला ने संकेत दिया था कि उन्होंने मिक्स एंड मैच ट्रायल में बूस्टर शॉट के तौर पर कोवोवैक्स का परीक्षण करने की योजना बनाई है। भारत में वैक्सीन या हेट्रोलॉगस बूस्टिंग पॉलिसी के समावेश की अनुमति दी गई है और बायोलॉजिकल-ई का कोर्बेवैक्स उन किशोरों में हेट्रोलॉगस बूस्टर के तौर पर मंजूरी हासिल करने वाला पहला टीका बन गया है, जो कोविशील्ड या कोवॉक्सिन की दो खुराक ले चुके हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी टीकों के लिए मिक्स एंड मैच बूस्टिंग रणनीति अपनाए जाने पर जोर दिया है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ग्रीन टेम्पलटन कॉलेज शोधकर्ताओं का कहना है कि भारत को अपनी अपनी बूस्टर नीति में बदलाव लाने के लिए विज्ञान का इस्तेमाल करना चाहिए। पिछले माह कोविशील्ड और कोवॉक्सिन के मिश्रण पर सीएमसी, वेलूर के अध्ययन के ताजा आंकड़ा से पता चलता है कि कोवॉक्सिन के बाद कोविशील्ड बेहतर मिश्रण है। जहां तक भारत बायोटेक का सवाल है उसकी इंट्रानेजल वैक्सीन एडेनोवायरस वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित है और यह कोवॉक्सिन से अलग है। यह टीका आईक्यूए एंटीबॉडी के निर्माण को बढ़ाने में मददगार है।