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Maharashtra: कोर्ट ने पूर्व MLA की दो संपत्तियों की नीलामी का दिया आदेश, 512 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का मामला

Thu, 24 Jul 2025 11:29 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

Maharashtra: महाराष्ट्र के पनवेल में कर्नाला सहकारी बैंक घोटाले के मामले में विशेष अदालत ने पूर्व विधायक विवेकानंद पाटिल की दो संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया है। उन पर 512 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। पाटिल इस मामले के मुख्य आरोपी हैं; आर्थिक अपराध शाखा और ईडी ने उनकी कुल 87 संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें कुछ पैतृक भी शामिल हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल स्थित एक सहकारी बैंक में हुए 512 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले के मामले में एक विशेष अदालत ने पूर्व विधायक विवेकानंद शंकर पाटिल की दो संपत्तियों की नीलामी का आदेश दिया है। ये संपत्तियां (एक कई एकड़ की खेल अकादमी और एक जमीन का टुकड़ा) पनवेल में स्थित हैं और इन्हें कर्नाला नगरी सहकारी बैंक घोटाले के मामले में जांच एजेंसियों ने जब्त किया था।

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पाटिल इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। उन्होंने तीन बार पनवेल और एक बार उरण से विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया था। नवी मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में पाटिल की 87 संपत्तियां जब्त की थीं, जिनमें कुछ पैतृक संपत्तियां भी शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी धनशोधन के मामले में इनमें से कुछ संपत्तियों को जब्त किया है।

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विशेष पीएमएलए अदालत के न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर ने 22 जुलाई को बैंक के अधिकृत अधिकारी (परिसमापक) की याचिका पर फैसला सुनाते हुए इन दो संपत्तियों को नीलामी का आदेश दिया। परिसमापक ने कर्नाला खेल अकादमी और जमीन के उस टुकड़े को नीलामी के लिए छोड़ने की मांग की थी, ताकि बैंक के देनदारों, खासकर जमाकर्ताओं को भुगतान किया जा सके। सभी पक्षों ने इन संपत्तियों की नीलामी को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई, जिनमें आरोपी भी शामिल हैं। 
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कोर्ट ने माना कि जब सभी पक्षों में सहमति है, तो इन दो संपत्तियों की जब्ती को अंतिम घोषित किया जाना उचित होगा। इसके बाद कोर्ट ने बैंक के जमाकर्ताओं के हित में नीलामी प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का आदेश दिया। ईडी का मामला फरवरी 2020 में आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है। इसमें पाटिल समेत 75 अन्य के खिलाफ पनवेल स्थित कर्नाला सहकारी बैंक में 512.54 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।

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